Knews Desk- कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु भगदड़ मामले में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पूर्व पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को समाप्त कर दिया है। यह कार्रवाई 4 जून 2025 को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ के मामले में की गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
घटना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार ने तत्कालीन ADGP बी. दयानंद, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (वेस्ट) विकास कुमार विकास और डीसीपी (सेंट्रल डिवीजन) शेखर एच. टेक्कन्नवर समेत कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की थी। तीनों IPS अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू की गई थी।
आरोपों से अधिकारियों ने किया था इनकार
सरकार की ओर से जारी आदेशों में कहा गया कि तीनों अधिकारियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। अधिकारियों के जवाब और उनके बचाव में पेश किए गए तथ्यों की समीक्षा के बाद सक्षम प्राधिकारी ने विभागीय जांच को बंद करने का फैसला लिया।
आदेश में यह भी कहा गया कि जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए, जिसके बाद उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
RCB की जीत के जश्न में मचा था हड़कंप
यह हादसा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की खिताबी जीत के बाद आयोजित जश्न कार्यक्रम के दौरान हुआ था। बड़ी संख्या में प्रशंसकों के पहुंचने के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। इस दुर्घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी और 56 लोग घायल हुए थे।
घटना के अगले दिन 5 जून 2025 को तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि जुलाई 2025 में उनका निलंबन वापस ले लिया गया था, लेकिन अखिल भारतीय सेवा (AIS) नियमों के तहत विभागीय जांच जारी रही। अब सरकार के नए आदेश के बाद यह जांच भी पूरी तरह खत्म कर दी गई है।