क्रिकेट के पुराने दौर की तरह एक बार फिर त्रिकोणीय और चार देशों वाली सीरीज देखने को मिल सकती हैं। 2027 से 2031 के नए FTP में मल्टीलेटरल सीरीज को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है।
Knews desk- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय से द्विपक्षीय सीरीज का दबदबा रहा है, लेकिन अब क्रिकेट का रोमांच बढ़ाने के लिए पुराने फॉर्मेट की वापसी की तैयारी हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI समेत कई बड़े क्रिकेट बोर्ड चाहते हैं कि आने वाले फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) में वनडे और टी20 के लिए ज्यादा मल्टीलेटरल सीरीज आयोजित की जाएं।
इस प्रस्ताव के तहत तीन या चार देशों को एक साथ शामिल कर टूर्नामेंट कराने पर जोर दिया जा सकता है। यानी आने वाले समय में फैंस को फिर से त्रिकोणीय और क्वाडरैंगुलर सीरीज देखने का मौका मिल सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 22 और 23 सितंबर को दुबई में ICC की FTP वर्कशॉप आयोजित होने वाली है। इसमें ICC के फुल मेंबर देशों के क्रिकेट ऑपरेशंस से जुड़े अधिकारी हिस्सा लेंगे। BCCI भी अपनी क्रिकेट ऑपरेशंस टीम को इस बैठक में भेज रहा है।
BCCI दुनिया का सबसे प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत क्रिकेट बोर्ड माना जाता है। ऐसे में FTP में बदलाव से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर उसकी राय काफी अहम होगी। अगर BCCI मल्टीलेटरल सीरीज के प्रस्ताव का समर्थन करता है, तो 2027 से 2031 के FTP में इस तरह के मुकाबलों की संख्या बढ़ सकती है।
द्विपक्षीय सीरीज से कम हो रहा रोमांच?
क्रिकेट बोर्ड्स के बीच यह सोच बन रही है कि लगातार होने वाली द्विपक्षीय सीरीज में पहले जैसा आकर्षण नहीं रह गया है। खासकर वनडे और टी20 में कई मुकाबले फैंस के लिए उतने रोमांचक नहीं रह जाते।
भारतीय टीम का उदाहरण लें तो वह सालभर क्रिकेट खेलती है और इसमें करीब दो महीने IPL के भी होते हैं। ऐसे में छोटी टीमों के खिलाफ होने वाली लगातार द्विपक्षीय सीरीज को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी कई बार कम दिखाई देती है।
इसके मुकाबले अगर तीन या चार मजबूत टीमें एक साथ टूर्नामेंट में उतरें, तो हर मुकाबले में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और फैंस की दिलचस्पी भी ज्यादा रहने की उम्मीद है।
2018 में भारत ने खेली थी आखिरी त्रिकोणीय सीरीज
भारतीय टीम के लिए भी मल्टीलेटरल सीरीज की वापसी काफी खास हो सकती है। टीम इंडिया ने आखिरी बार 2018 में निदहास ट्रॉफी में त्रिकोणीय सीरीज खेली थी। हालांकि यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में था।
वनडे की बात करें तो भारत ने 2014-15 के बाद ऐसी कोई सीरीज नहीं खेली है। वहीं BCCI की मेजबानी में आखिरी त्रिकोणीय सीरीज 2003-04 के आसपास देखने को मिली थी।
अगर नए FTP में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो 2027 के बाद भारत में भी एक बार फिर त्रिकोणीय या चार देशों की सीरीज आयोजित होती दिखाई दे सकती है। इससे वनडे क्रिकेट को नई लोकप्रियता मिलने के साथ-साथ टीम इंडिया के मुकाबलों का रोमांच भी बढ़ सकता है।