राजस्थान में BJP का दबदबा, 10 में से 9 नगर निगमों में खिला कमल

KNEWS DESK- राजस्थान की शहरी राजनीति में बीजेपी ने बड़ी बढ़त दर्ज की है। प्रदेश के 10 नगर निगमों में से 9 में बीजेपी ने अपना बोर्ड गठित कर लिया है, जबकि कांग्रेस केवल बीकानेर तक सीमित रह गई। जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे तीन प्रमुख नगर निगमों में भी बीजेपी ने मेयर पद पर कब्जा जमाया है।

जयपुर में सुनील कोठारी, जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता और कोटा में अनुसुईया गोस्वामी नवनिर्वाचित महापौर बनी हैं। तीनों नगर निगमों में बीजेपी को पार्टी पार्षदों की संख्या से अधिक वोट मिले। कोटा में कांग्रेस पार्षदों की ओर से बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग भी देखने को मिली।

जयपुर में मेयर चुनाव के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक रफीक खान को निगम परिसर के अंदर जाने से रोके जाने के बाद सियासी विवाद बढ़ गया। पुलिस-प्रशासन द्वारा निगम गेट पर रोके जाने के बाद रफीक खान वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस पार्षद मुकेश छापोला ने भी प्रशासन पर वोट डालने से रोकने का गंभीर आरोप लगाया।

विरोध और हंगामे के बीच बीजेपी के सुनील कोठारी ने जीत दर्ज कर पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सभी 150 पार्षदों को साथ लेकर जयपुर के विकास को गति देने की बात कही। जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता 53 वोट हासिल कर मेयर बने। उन्होंने कहा कि दीपावली नजदीक है, इसलिए सबसे पहले शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों का कायाकल्प कराया जाएगा। वहीं, कोटा की नवनिर्वाचित महापौर अनुसुईया गोस्वामी कार्यभार संभालते समय भावुक हो गईं और मेयर टेबल को प्रणाम किया।

अन्य निकायों में सुकेत नगर पालिका में बीजेपी के जितेंद्र चोपड़ा अध्यक्ष बने, जबकि श्रीविजयनगर में कांग्रेस के सुशील मिढ़ा ने जीत दर्ज की। सीकर के खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष पद की मतगणना कानूनी पेंच में फंस गई है। यहां 20 में से 19 वोट पड़े थे, क्योंकि कांग्रेस की एक महिला पार्षद लापता हो गई थीं। कांग्रेस प्रत्याशी विनीता की याचिका पर हाईकोर्ट ने 19 वोटों की गिनती का आदेश दिया था, लेकिन सत्यापित कॉपी न मिलने के कारण मतगणना आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *