WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर एक ऐसे नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स ऐप से बाहर निकले बिना Google, OpenAI और दूसरे थर्ड-पार्टी AI एजेंट्स से बातचीत कर सकेंगे. फिलहाल यह सुविधा चुनिंदा एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के लिए टेस्टिंग में बताई जा रही है.
Knews Desk- WhatsApp लगातार अपने प्लेटफॉर्म में नए फीचर्स जोड़ रहा है. अब कंपनी एक ऐसे AI फीचर पर काम कर रही है, जो यूजर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है. इस फीचर के जरिए WhatsApp के अंदर ही अलग-अलग थर्ड-पार्टी AI एजेंट्स को जोड़ा जा सकेगा. यानी किसी AI सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार दूसरे ऐप पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
फीचर ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp की सेटिंग्स में AI Agents नाम से एक नया सेक्शन दिया जा सकता है. यहां से यूजर्स अपनी जरूरत के मुताबिक किसी कंपैटिबल AI एजेंट को अपने WhatsApp अकाउंट से कनेक्ट कर सकेंगे.
AI एजेंट को WhatsApp से जोड़ने के लिए यूजर को एक API Key मिल सकती है. इस Key को संबंधित AI सर्विस की वेबसाइट या ऐप पर दर्ज करके WhatsApp अकाउंट के साथ कनेक्शन स्थापित किया जा सकेगा.
कनेक्शन होने के बाद संबंधित AI एजेंट WhatsApp में एक अलग पर्सनल चैट की तरह दिखाई दे सकता है. यूजर्स अपनी सुविधा के अनुसार उस एजेंट का नाम और प्रोफाइल फोटो भी बदल सकेंगे.
एक अकाउंट से जुड़ सकेंगे 5 AI एजेंट
रिपोर्ट के अनुसार, एक WhatsApp अकाउंट के साथ अधिकतम 5 AI एजेंट्स कनेक्ट करने की सुविधा मिल सकती है. इससे यूजर्स अलग-अलग कामों के लिए अलग AI सर्विस का इस्तेमाल कर सकेंगे.
हालांकि, यह फीचर अभी टेस्टिंग चरण में है. ऐसे में इसके फाइनल वर्जन में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं. कंपनी ने फिलहाल इस फीचर को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है.
प्राइवेसी को लेकर क्या होगा इंतजाम?
WhatsApp इस सुविधा के साथ यूजर की प्राइवेसी का भी ध्यान रख सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, किसी थर्ड-पार्टी AI एजेंट को कनेक्ट करने के बाद भी उसे यूजर की दूसरी निजी चैट्स, कॉन्टैक्ट्स या मीडिया फाइल्स का एक्सेस नहीं मिलेगा.
AI एजेंट्स को ग्रुप चैट या कम्युनिटी में जोड़ने की अनुमति भी नहीं होगी. इनका इस्तेमाल सिर्फ पर्सनल चैट के तौर पर किया जा सकेगा.
अगर कोई यूजर किसी AI एजेंट को अपने WhatsApp अकाउंट से हटाता है, तो उसका कनेक्शन खत्म हो जाएगा. हालांकि, उस एजेंट के साथ हुई पुरानी बातचीत की चैट हिस्ट्री अपने आप डिलीट नहीं होगी. यूजर चाहे तो उसे बाद में खुद डिलीट कर सकेगा.
कब आएगा फीचर?
फिलहाल यह फीचर शुरुआती टेस्टिंग में बताया जा रहा है और चुनिंदा एंड्रॉयड बीटा यूजर्स तक सीमित हो सकता है. WhatsApp की ओर से इसकी लॉन्च डेट या ग्लोबल रोलआउट को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.