धर्मेंद्र प्रधान की कुल संपत्ति कितनी है? पत्नी के पास 500 ग्राम सोना, हलफनामे में हुआ खुलासा

KNEWS DESK – केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनकी राजनीतिक यात्रा के साथ-साथ उनकी घोषित संपत्ति भी चर्चा का विषय बन गई है। NEET 2026 पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच दिए गए इस्तीफे के बाद लोग यह जानना चाह रहे हैं कि भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान के पास कितनी संपत्ति है और उनके चुनावी हलफनामे में क्या जानकारी दी गई थी।

साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की कुल घोषित संपत्ति लगभग ₹6.92 करोड़ है। वहीं परिवार पर ₹53.38 लाख की देनदारियां भी दर्ज हैं। हलफनामे के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में धर्मेंद्र प्रधान की वार्षिक आय ₹12.75 लाख रही, जबकि उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर की आय ₹49.92 लाख दर्ज की गई। परिवार की कुल आय में उनकी पत्नी का योगदान अधिक है।

बैंक जमा और निवेश में करोड़ों रुपये

हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार ने बैंक जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट, पब्लिक प्रोविडेंट फंड, म्यूचुअल फंड और बीमा योजनाओं में निवेश किया हुआ है। परिवार के बैंक खातों, एफडी और पीपीएफ में कुल ₹2.47 करोड़ जमा हैं। इसके अलावा ₹80.40 लाख म्यूचुअल फंड में निवेश किए गए हैं, जबकि विभिन्न बीमा योजनाओं में कुल ₹67.72 लाख का निवेश दर्ज है।

ओडिशा से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक संपत्तियां

धर्मेंद्र प्रधान के पास ओडिशा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अचल संपत्तियां भी हैं। हलफनामे के अनुसार, उनके नाम पर ओडिशा में करीब ₹12 लाख की कृषि भूमि और ₹20.50 लाख की गैर-कृषि भूमि है। इसके अलावा परिवार के नाम पर लगभग ₹1.98 करोड़ मूल्य की आवासीय संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक फ्लैट और ओडिशा के भुवनेश्वर में स्थित एक मकान शामिल है।

कार, सोना और चांदी भी संपत्ति में शामिल

चल संपत्तियों की बात करें तो धर्मेंद्र प्रधान के नाम पर 2011 मॉडल की होंडा सिटी कार दर्ज है। वहीं उनकी पत्नी के नाम पर कई व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं। आभूषणों में धर्मेंद्र प्रधान के पास 200 ग्राम सोना और 2.5 किलोग्राम चांदी है, जबकि उनकी पत्नी के पास 500 ग्राम सोना और 10 किलोग्राम चांदी दर्ज है।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान पर पंजाब नेशनल बैंक और आईडीबीआई बैंक का कुल ₹31.38 लाख का ऋण भी दर्ज है। यह राशि उनकी कुल घोषित देनदारियों का हिस्सा है।

लंबे समय से सक्रिय हैं राजनीति में

धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचर में हुआ था। वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनके पिता डॉ. देवेन्द्र प्रधान भी भाजपा के प्रमुख नेताओं में रहे और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री का दायित्व संभाल चुके थे।

NEET 2026 पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। ऐसे में उनके राजनीतिक सफर के साथ-साथ उनकी घोषित संपत्ति और वित्तीय विवरण भी एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *