Knews Desk– भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को अगले कुछ दशकों में बड़े निवेश का फायदा मिलने की उम्मीद है। सड़क, रेलवे और डिफेंस के साथ अब पोर्ट, शिपिंग और मैरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सरकार का फोकस बढ़ रहा है। इसी बदलाव के बीच एक स्मॉल-कैप कंपनी नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स (KMEW) निवेशकों की नजर में आई है। कंपनी जहाजों के निर्माण, संचालन और रखरखाव से जुड़े कारोबार में तेजी से विस्तार कर रही है।
सरकार के करीब 80 लाख करोड़ रुपये के ‘अमृत काल’ इंफ्रास्ट्रक्चर विजन के तहत देश के समुद्री तटों और बंदरगाहों को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका फायदा उन कंपनियों को मिल सकता है, जो शिपबिल्डिंग, ड्रेजिंग और पोर्ट ऑपरेशन्स जैसी सेवाओं से जुड़ी हैं। KMEW इसी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है।कंपनी की खासियत यह है कि वह सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने के बजाय अपना पूरा समुद्री ईकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। महाराष्ट्र में प्रस्तावित वधावन पोर्ट के पास सफाले में कंपनी ने अपना शिपयार्ड विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहित की है। इसके जरिए कंपनी भविष्य में खुद जहाज बनाने, उनका स्वामित्व रखने और उनके संचालन से कमाई करने की योजना पर काम कर रही है।
KMEW के पास करीब 1,400 करोड़ रुपये का अन-एग्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक बताया गया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को करीब 1,075 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। इसमें ‘ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम’ के तहत मिले करीब 650 करोड़ रुपये के दो बड़े कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं। इन कॉन्ट्रैक्ट्स की अवधि 15 साल तक बताई गई है, जिससे कंपनी को लंबे समय तक स्थिर रेवेन्यू मिलने की उम्मीद बनती है।कंपनी की तकनीकी क्षमता भी इसे अलग पहचान देती है। इसके पास ‘River Pearl 47’ नाम का बैकहो ड्रेजर है, जो करीब 30 मीटर की गहराई तक पानी के अंदर चट्टानों को ड्रिल और ब्लास्ट करने में सक्षम है। JNPA पोर्ट पर अपनी क्षमता साबित करने के बाद कंपनी के लिए न्यू मंगलोर, विशाखापत्तनम, मुंबई और तुतिकोरिन जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर नए अवसर खुल सकते हैं।
शेयर बाजार में भी कंपनी ने पिछले एक साल में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एक साल में KMEW के शेयर ने करीब 191 फीसदी रिटर्न दिया है। इस साल अब तक शेयर में 40 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। वहीं 8 सितंबर 2025 के 860 रुपये के आसपास के 52-सप्ताह के निचले स्तर से शेयर करीब 250 फीसदी तक चढ़ चुका है। हालांकि, गुरुवार को शेयर करीब 1.63 फीसदी गिरकर 2,702.20 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। सोमवार को यह 2,998 रुपये के 52-सप्ताह के हाई तक भी पहुंचा था।हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि किसी शेयर का पिछला प्रदर्शन भविष्य में उसी तरह के रिटर्न की गारंटी नहीं देता। स्मॉल-कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव और कारोबार से जुड़े जोखिम भी अधिक हो सकते हैं। इसलिए निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन, ऑर्डर बुक और भविष्य की योजनाओं का स्वतंत्र विश्लेषण जरूरी है।भारत में पोर्ट और मैरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश के बीच KMEW को फायदा मिलने की संभावना जरूर दिखाई देती है। लेकिन इसे ‘हिडन जेम’ मानने से पहले जोखिम और संभावित रिटर्न दोनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।