Knews Desk- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार, 14 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है, जिससे सोने और चांदी की मांग में तेजी आई है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार में कीमतों पर देखने को मिला।आज भारतीय सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,240 रुपये बढ़कर 1,41,820 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वहीं चांदी का भाव 2,19,880 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के दौरान निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सोने जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों में निवेश करना पसंद करते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है और इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने हाल के दिनों में नया मोड़ ले लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर शिपिंग शुल्क लगाने की घोषणा की है। इसके अलावा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इन घटनाक्रमों ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे निवेशकों में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आगे भी जारी रहता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां भी सर्राफा बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे मौजूदा परिस्थितियों में जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार की चाल पर नजर रखें। जिन लोगों का उद्देश्य लंबी अवधि का निवेश है, उनके लिए सोना अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है। वहीं, शादी-विवाह या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव जरूर जांच लेने चाहिए, क्योंकि जीएसटी, मेकिंग चार्ज और स्थानीय टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर हो सकता है।
आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रमों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है तो कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है, लेकिन तनाव बढ़ने की स्थिति में सोने और चांदी के भाव नए रिकॉर्ड स्तर भी छू सकते हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए बाजार की हर हलचल पर नजर रखना जरूरी होगा।