Gold Price: नवरात्र से पहले सोने के दाम में बड़ी गिरावट, 5 दिन में ₹6,600 सस्ता हुआ गोल्ड, दिवाली तक और गिरेंगे भाव?

KNEWS DESK- नवरात्र से पहले सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। 28 सितंबर को एमसीएक्स पर सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे कारोबार करता दिखा। अब निवेशकों और खरीदारों की नजर इस बात पर है कि दिवाली तक कीमतों में और कितनी हलचल हो सकती है।

सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 28 सितंबर 2026 को तेज गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमत 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे चली गई। शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी में भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार में इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदों का असर भी सोने और चांदी पर दिखाई दे रहा है।

1.50 लाख के नीचे आया सोना

एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 28 सितंबर को शुरुआती कारोबार में करीब 1,48,168 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। कारोबार के दौरान यह 1,47,667 रुपये तक भी पहुंचा। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव करीब 1,50,700 रुपये था। घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी दिखाई दी। दिल्ली में 28 सितंबर को 24 कैरेट सोने का संकेतात्मक भाव करीब 1,48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया, जबकि 22 कैरेट सोना करीब 1,40,950 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। ये दरें जीएसटी समेत अन्य शुल्क से अलग हो सकती हैं।

चांदी में भी तेज गिरावट

सोने के साथ चांदी की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी शुरुआती कारोबार में करीब 2,28,847 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से करीब 2.49 फीसदी नीचे थी। कारोबार के दौरान चांदी में इससे भी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। रिपोर्टों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 62 डॉलर प्रति औंस से नीचे चली गई। इससे घरेलू बाजार में भी कीमतों पर दबाव बढ़ा।

क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

सोने और चांदी की मौजूदा कमजोरी के पीछे कई वैश्विक संकेत बताए जा रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके साथ अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ाया है। बाजार की नजर अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, तेल की कीमतों, डॉलर और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।

दिवाली तक और सस्ता होगा सोना?

आने वाले समय में सोने की कीमत किस दिशा में जाएगी, यह कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगा। अगर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत रहते हैं तथा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बना रहता है, तो सोने पर दबाव जारी रह सकता है। दूसरी तरफ भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने या आर्थिक अनिश्चितता लौटने पर सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग फिर बढ़ सकती है। कमोडिटी विशेषज्ञों के मुताबिक दिवाली तक कीमतों का अनुमान लगाते समय केवल मौजूदा गिरावट को आधार बनाना उचित नहीं होगा। त्योहारी सीजन की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से कीमतों में तेजी या गिरावट दोनों की स्थिति बन सकती है। इसलिए दिवाली तक सोने और चांदी के भाव के बारे में किसी एक निश्चित स्तर को तय मानना मुश्किल है।

अगर आप सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो अपने बजट, खरीदारी की जरूरत और बाजार में चल रहे भाव को ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही, ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और शुद्धता जैसे अतिरिक्त खर्चों को भी कुल कीमत में शामिल करके देखें।

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