Knews Desk– चीन को प्राकृतिक संसाधनों के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। देश के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने खनिज भंडारों की दोबारा जांच के बाद सोने, निकल, रेनियम और कई अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार में भारी बढ़ोतरी की पुष्टि की है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी साझा की। इस नए आकलन से चीन के रणनीतिक खनिज संसाधनों की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस अभियान में पहले से मौजूद खदानों और ऐसे खनन क्षेत्रों की भी दोबारा जांच की गई, जिन्हें पहले कम गुणवत्ता वाला या मुश्किल से इस्तेमाल होने वाला माना जाता था।मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीन के सोने के भंडार में हुई बढ़ोतरी 50 बड़ी खदानों के बराबर बताई गई है। वहीं, निकल के भंडार में 30 बड़ी खदानों के बराबर इजाफा दर्ज किया गया है। इसके अलावा गैलियम, इंडियम, टैंटलम और वैनेडियम जैसे खनिजों के भंडार में भी बढ़ोतरी हुई है। इन चारों खनिजों में प्रत्येक के लिए 10 बड़ी खदानों के बराबर अतिरिक्त भंडार सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि, यह आंकड़े भंडार के आकलन में हुई बढ़ोतरी को दर्शाते हैं, न कि जरूरी तौर पर नई खदानों की खोज को।
इस अभियान में रेनियम को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। चीन के रेनियम भंडार में 200 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रेनियम एक दुर्लभ धातु है, जिसका इस्तेमाल अत्यधिक तापमान सहने वाले सुपर-अलॉय बनाने में किया जाता है। इन मिश्रधातुओं का उपयोग जेट इंजन के महत्वपूर्ण पुर्जे तैयार करने में होता है। विमानन और एयरोस्पेस उद्योग में ऐसे पदार्थों की अहम भूमिका है, क्योंकि इन्हें बहुत अधिक तापमान और दबाव की परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।यह राष्ट्रव्यापी अभियान करीब एक साल तक चला। इस दौरान चीन के 17 रणनीतिक खनिजों पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दायरे में देशभर की 1,800 से अधिक चालू खदानों के साथ बड़े और मध्यम आकार के खनन क्षेत्र शामिल थे। इस काम में 100 से अधिक संस्थानों ने हिस्सा लिया। चीन के 27 प्रांतों, स्वायत्त क्षेत्रों और नगर पालिकाओं में करीब 2,000 सर्वे कर्मचारियों ने खनिज संसाधनों से जुड़े आंकड़े जुटाए। पुरानी खदानों में मौजूद सह-उत्पादों का नए सिरे से मूल्यांकन भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
इस बीच, चीन के शिनजियांग क्षेत्र के बायचेंग में जिरकॉन का एक नया भंडार मिलने की जानकारी भी सामने आई है। शिन्हुआ के मुताबिक, यहां देश का पहला पैलियोफ्लुवियल-लैकुस्ट्रिन जिरकॉन प्लेसर भंडार खोजा गया है। इस तरह के भंडार पुरानी नदी या झील की तलछट में खनिजों के जमा होने से बनते हैं। इस खोज से चीन में जिरकॉन की घरेलू उपलब्धता बढ़ने की संभावना है।जिरकॉन से जिरकोनियम प्राप्त किया जाता है, जिसका इस्तेमाल परमाणु रिएक्टरों में ईंधन की छड़ों की सुरक्षा परत बनाने और उच्च तापमान सहने वाले एयरोस्पेस मिश्रधातुओं में किया जाता है। चीन लंबे समय से जिरकॉन की आपूर्ति के लिए आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में नया भंडार उसकी घरेलू आपूर्ति को मजबूत करने में मदद कर सकता है। सोने और अन्य रणनीतिक खनिजों के भंडार में बढ़ोतरी के साथ यह खोज चीन के औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।