7 दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक, बाजार में आया बूम; निवेशकों की दौलत ₹2.75 लाख करोड़ बढ़ी

Knews Desk– भारतीय शेयर बाजार में लगातार कई दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार, 20 अगस्त को जोरदार रिकवरी देखने को मिली. ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 628 अंक यानी 0.82 फीसदी चढ़कर 77,537.72 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 50 में 154 अंक यानी 0.64 फीसदी की तेजी रही और यह 24,231.85 के स्तर पर बंद हुआ.

बाजार की तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही. निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स में 0.36 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में 0.58 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले कारोबारी सत्र के करीब 488.70 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 491 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया. यानी एक ही कारोबारी दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब 2.75 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ.

इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण हालिया गिरावट के बाद बाजार में आई शॉर्ट कवरिंग को माना जा रहा है. बुधवार तक निफ्टी लगातार सात कारोबारी सत्रों में गिर चुका था. इस दौरान निफ्टी में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई थी. वहीं सेंसेक्स लगातार चार सत्रों से कमजोर रहा और करीब 1.5 फीसदी नीचे आया था. लगातार गिरावट के कारण बाजार ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गया था. ऐसे में शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स की ओर से शॉर्ट पोजीशन कवर किए जाने से बाजार में टेक्निकल बाउंस देखने को मिला.जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, लगातार गिरावट के बाद बाजार शॉर्ट टर्म रिवर्सल के लिए तैयार दिख रहा था. ओवरसोल्ड स्थिति और शॉर्ट कवरिंग ने बाजार को तेजी पकड़ने में मदद की.

बाजार के लिए दूसरा सकारात्मक संकेत अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट रही. मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से आमतौर पर उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी बाहर जाने का दबाव बढ़ता है. ऐसे में डॉलर इंडेक्स और 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय शेयर बाजार को राहत मिली.19 अगस्त को डॉलर इंडेक्स में 0.83 फीसदी की गिरावट आई थी. इसी दौरान 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी नीचे आई. 20 अगस्त को कारोबार के दौरान भी अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में और गिरावट देखने को मिली. इससे भारतीय इक्विटी में विदेशी निवेश को लेकर चिंता कुछ कम हुई.

बाजार में तेजी का तीसरा बड़ा कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI की खरीदारी रही. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को विदेशी निवेशकों ने कैश सेगमेंट में करीब 408 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे. अगस्त में अब तक विदेशी निवेशकों की खरीदारी जुलाई के मुकाबले मजबूत रही है. NSDL के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में करीब 20,200 करोड़ रुपये के शेयर खरीदने के बाद अगस्त में 19 अगस्त तक FPI करीब 23,320 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीद चुके थे.बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों के लिए आगे भी सतर्क रहना जरूरी है. वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की चाल को प्रभावित कर सकता है. हालांकि गुरुवार की तेजी ने लगातार गिरावट से परेशान निवेशकों को फिलहाल बड़ी राहत जरूर दी है.

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