लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल, भाई हृदयनाथ मंगेशकर का बड़ा ऐलान

KNEWS DESK – भारतीय संगीत जगत के लिए 12 अप्रैल 2026 का दिन एक युग के अंत के रूप में याद किया जाएगा। सुरों की जादूगरनी Asha Bhosle ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी आवाज़ और उनके गीत हमेशा श्रोताओं के दिलों में जीवित रहेंगे।

अपनी बड़ी बहन Lata Mangeshkar की तरह ही आशा भोसले ने भी संगीत की दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी। हालांकि, लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। 70 से अधिक वर्षों के अपने करियर में उन्होंने करीब 20 भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए और हर दौर के संगीत प्रेमियों को अपना दीवाना बनाया।

समाज सेवा में नया अध्याय

अब मंगेशकर परिवार उनकी याद को एक नई दिशा देने जा रहा है। Hridaynath Mangeshkar ने घोषणा की है कि लता मंगेशकर और आशा भोसले की स्मृति में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना है।

उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बड़ी ज़मीन ली जा चुकी है और परिवार की कोशिश है कि यह अस्पताल गरीबों और जरूरतमंदों के लिए एक वरदान साबित हो।

‘लता-आशा’ के नाम से बनेगा संस्थान

इस अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखे जाने की संभावना है। यह सिर्फ एक अस्पताल नहीं होगा, बल्कि एक ऐसा केंद्र होगा जहां सेवा और संवेदना का संगम देखने को मिलेगा।

म्यूजियम में सजेगी संगीत विरासत

इतना ही नहीं, इस परियोजना के तहत एक भव्य म्यूजियम बनाने की भी योजना है। यहां मंगेशकर परिवार की शानदार संगीत यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, लोगों को इंटरैक्टिव तरीके से संगीत सीखने का अवसर भी मिलेगा, जिससे नई पीढ़ी इस विरासत से जुड़ सकेगी।

अधूरा सपना अब होगा पूरा

हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि Lata Mangeshkar का सपना था कि उनके नाम पर एक ऐसा अस्पताल बने, जो समाज के गरीब तबके की सेवा करे। करीब 25 साल पहले इस दिशा में सोच शुरू हुई थी, लेकिन अब दोनों बहनों के निधन के बाद परिवार ने इसे उनके संयुक्त नाम से पूरा करने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि पहले इस अस्पताल के उद्घाटन की तारीख तय की जा चुकी थी, लेकिन आशा भोसले के अचानक निधन के बाद योजना में बदलाव किया गया। अब यह संस्थान दोनों बहनों की याद में बनाया जाएगा, जो उनकी महान विरासत को समाज सेवा के जरिए आगे बढ़ाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *