KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे वह किसी भी परिवार या राजनीतिक दल से जुड़ी हो।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि बेटी किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी होती है और उसके सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
सीएम योगी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियों और बहनों को सम्मान देने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी मानी जाती है और यही हमारी सामाजिक सोच और संस्कार हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखें और अपने कार्यकर्ताओं को भी संयमित व्यवहार की सीख दें।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों को सलाह देने से पहले अपने लोगों की भाषा और व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में सभ्य संवाद और सम्मानजनक व्यवहार लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और विवाह से जुड़ी कई योजनाएं सरकार चला रही है, जिनका लाभ लाखों परिवारों को मिल रहा है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को भी गिनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को सुरक्षा और विकास का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति गरीबों की जमीन पर कब्जा करने, महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने या व्यापारियों को परेशान करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ की जनसभा में दिया गया यह बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें महिला सम्मान के मुद्दे के साथ-साथ विपक्ष को भी सीधा संदेश दिया गया है।