Knews Desk- NEET UG पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार्जशीट के मीडिया में लीक होने पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने खास तौर पर गवाहों के नाम सार्वजनिक होने पर हैरानी जाहिर की। अदालत ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और इस तरह की जानकारी ट्रायल को प्रभावित कर सकती है।
मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज अजय गुप्ता ने कहा कि चार्जशीट में शामिल ऐसी जानकारियां, जिन पर अभी अदालत में चर्चा तक नहीं हुई है, उनका मीडिया में सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ कदम उठाए जाने की जरूरत है और अदालत मीडिया रिपोर्ट की जांच करेगी।
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स में चार्जशीट से जुड़े गवाहों के नाम सामने आए हैं। इनमें कुछ गवाह नाबालिग भी बताए गए हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि मीडिया समेत सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है कि आपराधिक मामलों की सुनवाई तय कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक और बिना किसी पक्षपात के हो।
आरोपियों की ओर से पेश वकील ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि अदालत में चार्जशीट दाखिल होने से पहले ही उसकी कॉपी मीडिया तक पहुंच गई थी। उनका कहना था कि इससे आरोपियों के मामले पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
कोर्ट रिपोर्ट की करेगा जांच
कोर्ट ने कहा कि वह संबंधित मीडिया रिपोर्ट को देखेगा और उसके बाद तय करेगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जरूरत है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल के दौरान सामने आने वाली संवेदनशील जानकारियों के इस्तेमाल और रिपोर्टिंग में सावधानी बरती जानी चाहिए।
NEET UG पेपर लीक मामले में CBI ने करीब 20 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने इसमें कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है। CBI के मुताबिक, तीन विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से दिल्ली स्थित NTA कार्यालय से NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी बाहर निकाली थी।
जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी कॉन्फिडेंशियल सेक्शन से बाहर निकलते समय तलाशी की प्रक्रिया का फायदा उठाकर प्रश्नपत्र से संबंधित सामग्री बाहर ले जाने में सफल रहे।
अदालत ने CBI की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। अब 13 अगस्त से आरोप तय किए जाने को लेकर दलीलों की सुनवाई शुरू होगी।