Knews Desk– पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान की नौसेना द्वारा एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाए जाने और होर्मुज स्ट्रेट को अगली सूचना तक बंद करने के ऐलान के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस घटनाक्रम ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा एक जहाज तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था और उसने अपना नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिया था। ईरानी अधिकारियों के अनुसार कई बार चेतावनी देने के बावजूद जहाज ने दिशा नहीं बदली, जिसके बाद उस पर हमला किया गया। इसके साथ ही ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा कर दी।
ईरान की इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का तीसरा चरण शुरू कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर हुए हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के मुताबिक हमले में जहाज में भीषण आग लग गई, इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और चालक दल का एक सदस्य लापता है।रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने बहरीन स्थित अपने सैन्य अड्डे से मिसाइलें दागते हुए ईरान के सात शहरों में 12 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई इलाकों में जोरदार विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। इससे पहले अमेरिका ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोलने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने समुद्री मार्ग नहीं खोला तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि ईरान ने साफ कर दिया कि जब तक पश्चिम एशिया में अमेरिकी दखल खत्म नहीं होता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होने दी जाएगी।
इससे पहले 7 जुलाई को भी ईरान ने सऊदी अरब और कतर से जुड़े तीन जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में निशाना बनाया था। इसके जवाब में अमेरिका ने लगातार दो दिनों तक ईरान पर सैन्य हमले किए थे। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि संघर्ष विराम का समझौता टूट चुका है और अब ईरान के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है।इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अताउल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने अपने पिता और अन्य लोगों की मौत का बदला लेने की कसम खाते हुए कहा कि ईरान अपने दुश्मनों को नहीं छोड़ेगा और हर हमले का जवाब दिया जाएगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका या उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई हुई तो उसका जवाब अभूतपूर्व होगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की 1,000 मिसाइलें “लॉक्ड एंड लोडेड” हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग का बंद होना केवल क्षेत्रीय तनाव का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया को एक बार फिर बड़े युद्ध की ओर धकेलता नजर आ रहा है।