KNEWS DESK- दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के गाला डिनर में परोसे गए शाकाहारी भोजन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर विदेशी मेहमानों के सामने भारत की खान-पान संबंधी विविधता को सीमित करने और अपनी पसंद थोपने का आरोप लगाया है। वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इसे भारत की संस्कृति और कूटनीतिक ताकत से जोड़कर जवाब दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दिल्ली के मशहूर छोले-भटूरे की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि करीब 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी भोजन खाते हैं। उन्होंने लिखा कि भारतीय नॉनवेज खाना स्वादिष्ट होता है और उनकी बहन के छोले-भटूरे भी शानदार हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पहले भारतीयों पर अपनी खान-पान की पसंद थोपती रही है और अब यही रवैया दुनिया भर से आए मेहमानों के साथ अपनाया गया। खेड़ा ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों और व्यंजनों वाला देश है, जहां नॉनवेज भोजन भी उसकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने विदेशी मेहमानों के सामने भारत की इस विविधता को क्यों नहीं दिखाया। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी तंज कसते हुए ब्रिक्स नेताओं को दिल्ली के मशहूर करीम्स से बर्रा कबाब मंगवाने की सलाह दी।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय आयोजन में पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसा गया हो। दिल्ली में आयोजित G20 बैठक के दौरान भी भारत मंडपम और राष्ट्रपति भवन में आयोजित भोज में शाकाहारी व्यंजन परोसे गए थे। उस समय इसे भारतीय खान-पान की विविधता और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोगों को भारत की बढ़ती ताकत से ‘अपच’ हो रही है। उन्होंने कहा कि BRICS में ‘I’ का मतलब इंडिया है और भारत 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। उनके मुताबिक, शाकाहारी भोजन परोसना भारत की संस्कृति और कूटनीतिक प्रभाव का हिस्सा है।