डिजिटल डेस्क- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे प्रमुख और व्यस्त शहर दुबई में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अधिकारियों ने अचानक मोबाइल फोन पर मिसाइल हमले का एक हाई-अलर्ट जारी कर दिया। एएफपी (AFP) की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम ठीक 5:15 बजे जारी की गई इस चेतावनी ने अचानक लोगों को चौंका दिया। युद्ध में संघर्ष-विराम लागू होने के कई हफ्तों बाद यह पहला ऐसा मौका था जब इस तरह का कोई आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया।
कुछ ही मिनटों में मिला ‘ऑल क्लियर’, ओमान तट पर हमले से जुड़ा मामला
हालांकि, इस अलर्ट के जारी होने की तुरंत कोई पुख्ता वजह साफ नहीं हो पाई। मोबाइल स्क्रीन पर आए इस संदेश ने दुबई के नागरिकों और प्रवासियों के बीच कुछ समय के लिए भारी तनाव पैदा कर दिया, लेकिन इसके कुछ ही मिनटों बाद अधिकारियों ने बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए ‘ऑल क्लियर’ (खतरा टलने) का संकेत दे दिया। माना जा रहा है कि इस तनाव की पृष्ठभूमि गुरुवार को ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले से जुड़ी है, जिसका आरोप ईरान पर लगाया जा रहा है। ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपने नियंत्रण को लेकर इस समुद्री इलाके और अमेरिका को लगातार चुनौती दे रहा है, जबकि इस समय युद्ध को लेकर एक अंतरिम समझौता भी चल रहा है।
अलर्ट के तुरंत बाद यूएई और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर चर्चा
इस चौंकाने वाले अलर्ट के कुछ समय बाद, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच टेलीफोन पर एक बेहद महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। इस बातचीत के दौरान शेख अब्दुल्ला ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम समझौते के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहने और इसकी शर्तों का सम्मान करने के महत्व पर विशेष जोर दिया।
“गंभीर कूटनीति ही संकटों से निपटने का रास्ता” — यूएई
यूएई की ओर से जारी बयान में साफ किया गया कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को जिम्मेदारी से काम करना होगा। शेख अब्दुल्ला के हवाले से कहा गया, “क्षेत्र में किसी भी तरह के तनाव को बढ़ाने से बचना चाहिए। गंभीर कूटनीति और जिम्मेदार बातचीत ही सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकटों से निपटने का सबसे अच्छा और एकमात्र जरिया है।” फिलहाल दुबई में स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन इस अलर्ट ने खाड़ी क्षेत्र में चल रही कूटनीतिक और सामरिक हलचल को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।