Knews Desk– भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इंग्लैंड दौरे के दौरान चोटिल होकर बाहर हुए हर्षित राणा को लेकर अब दावा किया जा रहा है कि वह किसी गंभीर चोट के कारण नहीं, बल्कि खराब फिटनेस और क्रैंप्स की समस्या की वजह से मैदान से बाहर हुए थे। इस खुलासे के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के भीतर भी नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट ने टीम इंडिया की फिटनेस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हर्षित राणा हाल ही में घुटने की चोट से उबरकर टीम इंडिया में लौटे थे। इसी चोट की वजह से वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लंबा रिहैब किया और फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई। लेकिन तीसरे टी20 मैच के बाद वह गेंदबाजी के दौरान असहज नजर आए और मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआत में माना गया कि उनकी पुरानी चोट उभर आई है, लेकिन अब सामने आई रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक हर्षित राणा को गेंदबाजी के दौरान लगातार क्रैंप्स पड़ रहे थे। इसकी वजह उनका बढ़ा हुआ वजन बताया गया है। दावा किया गया है कि उनका वजन लगभग 97 किलोग्राम था, जबकि निर्धारित फिटनेस मानकों के अनुसार उनका वजन 96 किलोग्राम से कम होना चाहिए था। इसके बावजूद उन्हें फिट घोषित कर दिया गया और टीम के साथ भेजा गया। यही बात अब विवाद की वजह बन गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टीम मैनेजमेंट हर्षित राणा को स्क्वाड में शामिल करना चाहता था, इसलिए उन्हें फिटनेस क्लियरेंस दे दिया गया। हालांकि इस दावे पर न तो BCCI और न ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। बावजूद इसके, खबरों के अनुसार बोर्ड इस पूरे मामले से खुश नहीं है और फिटनेस प्रक्रिया की समीक्षा करने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि मेडिकल और फिजियो स्टाफ को यह साफ निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के लिए अलग मानक नहीं अपनाए जाएंगे और सभी पर एक जैसी फिटनेस नीति लागू होगी।हर्षित राणा का मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारतीय टीम पहले से ही खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही है। जसप्रीत बुमराह, नीतीश कुमार रेड्डी, साई सुदर्शन, वॉशिंगटन सुंदर और हार्दिक पंड्या जैसे खिलाड़ी भी हाल के समय में फिटनेस समस्याओं से प्रभावित रहे हैं। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम संयोजन पर भी असर पड़ रहा है।
भारतीय टीम के नए टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि लगातार खिलाड़ियों के अनफिट होने की वजह से टीम अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन मैदान पर नहीं उतार पा रही है। ऐसे में फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गए हैं।फिलहाल हर्षित राणा को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि BCCI इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में खिलाड़ियों की फिटनेस जांच को कितना सख्त बनाया जाता है। अगर रिपोर्ट में किए गए दावे सही साबित होते हैं, तो भारतीय क्रिकेट की फिटनेस प्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।