Knews Desk- माफिया अतीक अहमद के परिवार में एक बार फिर मातम छा गया है। झांसी में हुए सड़क हादसे में अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय अबान प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। अब अबान की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या करीब साढ़े तीन साल से फरार चल रही उसकी मां शाइस्ता परवीन बेटे के जनाजे में शामिल होने के लिए सामने आएगी?
शाइस्ता परवीन 27 फरवरी 2023 से फरार बताई जा रही है। उस पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश समेत कई गंभीर आरोप हैं और पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। ऐसे में अबान के जनाजे को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियों की निगरानी बढ़ने की संभावना है।
यह पहला मौका नहीं है जब शाइस्ता के किसी करीबी की मौत के बाद उसके सामने आने को लेकर चर्चा हो रही है। 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में अतीक के बेटे असद अहमद की मौत हुई थी। उस समय भी पुलिस को उम्मीद थी कि शाइस्ता बेटे को अंतिम विदाई देने पहुंच सकती है, लेकिन वह सामने नहीं आई।
इसके दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल परिसर में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों के जनाजे के दौरान भी पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क थीं, लेकिन शाइस्ता वहां भी नहीं पहुंची।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान अतीक अहमद के परिवार के कई सदस्यों और उसके करीबियों के नाम सामने आए।
शाइस्ता परवीन पर हत्याकांड की साजिश में शामिल होने और आरोपियों की मदद करने जैसे आरोप लगे। उसके खिलाफ ठगी और आर्म्स एक्ट समेत कुल सात मुकदमे दर्ज होने की बात कही गई है। शाइस्ता पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
अतीक की बहन आयशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब भी फरार बताई जाती हैं। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
9 राज्यों में तलाश, फिर भी पुलिस खाली हाथ
शाइस्ता को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस और दूसरी एजेंसियां पिछले तीन वर्षों में कई जगह छापेमारी कर चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और दिल्ली तक उसकी तलाश की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 500 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी गई और एयरपोर्ट पर लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया। अलग-अलग राज्यों की पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को शाइस्ता की तस्वीरें भेजी गईं, लेकिन अब तक उसका कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल सका है।
कौशांबी में ड्रोन से भी हुई थी तलाश
अप्रैल 2023 में पुलिस को सूचना मिली थी कि शाइस्ता कौशांबी के पल्हाना गांव के आसपास छिपी हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। गंगा के कछारी क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी करने के साथ घरों की तलाशी भी ली गई, लेकिन शाइस्ता का पता नहीं चला।
इसके बाद हटवा गांव में भी उसकी मौजूदगी की सूचना मिली थी। वहां भी पुलिस ने दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दिल्ली और ओडिशा से भी जुड़े सुराग
अक्टूबर 2024 में शाइस्ता से जुड़े कुछ सुराग ओडिशा तक पहुंचे थे। वहां एक सीसीटीवी फुटेज में गुड्डू मुस्लिम जैसा दिखने वाला शख्स नजर आने की बात सामने आई, लेकिन जांच में वह कोई अन्य व्यक्ति निकला।
दिसंबर 2024 में दिल्ली से अतीक के भांजे जाकिर उर्फ जका की गिरफ्तारी के बाद भी शाइस्ता को लेकर जानकारी सामने आने का दावा किया गया था। पूछताछ में कथित तौर पर बताया गया कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद शाइस्ता कुछ समय तक दिल्ली में छिपी रही थी।
अबान के जनाजे पर रहेंगी निगाहें
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अबान की मौत के बाद शाइस्ता परवीन बेटे को आखिरी विदाई देने के लिए सामने आएगी। इससे पहले बेटे असद, पति अतीक अहमद और देवर अशरफ की मौत के बाद भी वह जनाजे में शामिल नहीं हुई थी।
ऐसे में अबान के जनाजे के दौरान पुलिस और खुफिया एजेंसियों की निगाह शाइस्ता की संभावित मौजूदगी पर रह सकती है। हालांकि शाइस्ता जनाजे में आएगी या नहीं, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अतीक अहमद के पांच बेटे बताए जाते हैं। सबसे बड़ा बेटा उमर अहमद विभिन्न आपराधिक मामलों में आरोपी है और जेल में बंद है। अली अहमद भी जेल में है। असद अहमद की अप्रैल 2023 में झांसी में मुठभेड़ में मौत हो गई थी। अहजम परिवार के संरक्षण में बताया जाता है, जबकि सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की अब सड़क हादसे में मौत की खबर सामने आई है।