KNEWS DESK- दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर कस्टम्स विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों ने 48 घंटे के भीतर दो अलग-अलग मामलों में 30.3 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पहली कार्रवाई में चार आरोपी गिरफ्तार
कस्टम्स विभाग के अनुसार, पहली कार्रवाई 9 सितंबर को खुफिया सूचना के आधार पर की गई। बैंकाक से दिल्ली पहुंची एअर इंडिया की उड़ान एआई-2333 के दो यात्रियों के सामान पर अधिकारियों की निगरानी थी।
बैगेज बेल्ट के पास कस्टम्स अधिकारियों ने देखा कि काठमांडू से पहुंचे दो यात्री बैंकाक से आए यात्रियों का सामान लेने का प्रयास कर रहे थे। संदेह होने पर दोनों को ग्रीन चैनल से बाहर निकलते समय रोक लिया गया। इसके बाद बैंकाक से आए दोनों यात्रियों को भी पूछताछ के लिए रोक लिया गया।
चारों यात्रियों के सामान की एक्स-रे जांच की गई। इसमें कुछ संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं, जिसके बाद बैगों की विस्तृत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सामान से हरे रंग का मादक पदार्थ बरामद हुआ। पैकिंग सहित इसका कुल वजन 27.45 किलोग्राम था। जांच में पदार्थ की पहचान हाइड्रोपोनिक गांजे के रूप में हुई।
दूसरे मामले में एक यात्री पकड़ा गया
कस्टम्स अधिकारियों ने 7 सितंबर को प्रोफाइलिंग के आधार पर एक भारतीय यात्री को भी रोका था। यह यात्री फुकेट से बैंकाक होते हुए दिल्ली पहुंचा था। ग्रीन चैनल पर संदेह के आधार पर उसके ट्रैवल बैग की जांच की गई।
तलाशी के दौरान बैग से छह पॉलिथीन पैकेट बरामद हुए। इनमें कुल 2.857 किलोग्राम गांजा मिला। इसके बाद यात्री को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
कस्टम्स विभाग ने दोनों मामलों में बरामद मादक पदार्थों को जब्त कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मामलों में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा दिल्ली तक किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच के दौरान आरोपियों के आपसी संबंध, सामान की डिलीवरी और तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। कस्टम्स विभाग अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना जाता है। इसकी तस्करी पर रोक लगाने के लिए एयरपोर्ट पर यात्रियों की प्रोफाइलिंग, एक्स-रे जांच और खुफिया इनपुट के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई है। कस्टम्स विभाग का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।