महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने विपक्ष के खिलाफ बीजेपी के मार्च को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में सत्ता में रहने वाली पार्टी का विपक्ष के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ के नाम पर मार्च निकालना हैरान करने वाली बात है। ठाकरे ने बीजेपी पर हार के डर से ऐसे हथकंडे अपनाने का आरोप भी लगाया।
Knews Desk – देश में इन दिनों राजनीतिक पार्टियों द्वारा सड़क पर विरोध और आंदोलन का दौर चल रहा है। कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक के नेता चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सरकार पर हमलावर हैं, जबकि सत्तारूढ़ बीजेपी भी विपक्ष के आरोपों के खिलाफ मार्च निकाल रही है। इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने बीजेपी को घेरा है और हार के डर से ऐसे हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया है।
राज ठाकरे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिए विपक्ष के खिलाफ मार्च निकालने को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। मनसे प्रमुख ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी एक अजीब पार्टी है। जो नीचे से लेकर ऊपर तक सत्ता में है, फिर भी लोकतंत्र बचाओ के नाम पर मोर्चे निकाल रही है। यह दुनिया का शायद एकमात्र उदाहरण होगा, जहां सत्ताधारी पार्टी विपक्ष के खिलाफ मोर्चा निकालती है।’
राज ठाकरे ने गोकुल मामले का हवाला देकर बीजेपी पर दोहरे मापदंडों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘अच्छा, अगर वास्तव में लोकतंत्र का सम्मान करने की इतनी ही इच्छा है, तो गोकुल मामले में आपके बीजेपी पैनल के 12 और सतेज पाटील पैनल के 13 उम्मीदवार चुनाव जीतकर आए, तो उसके तुरंत बाद आपने सरकार के यानी अपनी ही पार्टी के 5 संचालक क्यों नियुक्त किए?’
उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘उन्हें मतदान का अधिकार देकर आप आखिर क्या साबित करना चाहते हैं? वे सभी बैलेट पेपर से और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़कर जीतकर आए थे। अगर आपको सच में लोकतंत्र की परवाह या चिंता होती, तो आप इस तरह का काम नहीं करते। गोकुल में जीत नहीं पाए, इसलिए सारे सिद्धांतों को ताक पर रख दिया और अब लोकतंत्र बचाओ के लिए मोर्चे निकालेंगे।’
ठाकरे ने बीजेपी को ‘समझदारी का भीषण सूखा’ बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इस समय पानी का भीषण सूखा है और भारतीय जनता पार्टी में समझदारी का भीषण सूखा है। ये दोनों सूखे एक साथ कैसे पड़ सकते हैं, यही हैरानी की बात है। सत्ता में रहते हुए ये लोग लोकतंत्र बचाओ के नाम पर मोर्चे निकालेंगे और खुद ही लोकतंत्र का गला घोंटेंगे।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बदहाल हो गई है, अब इसके लिए भी मोर्चे निकालेंगे। साथ ही कहा कि बीजेपी को हार के डर से अपनाए जाने वाले ऐसे हथकंडे बंद करने चाहिए। किसी भी तरीके से आपने जो बहुमत हासिल किया, उसे सभी विपक्षी दलों ने 12 साल तक सहन किया। अब जब देश की जनता विपक्षी दलों की ओर झुकने लगी है, तो बीजेपी को भी इसे सहन करना सीखना चाहिए।