मुंबई की बारिश ने खोली लग्जरी सोसाइटियों की पोल, लिफ्ट बंद और बिजली गुल होने से लोग परेशान

Knews Desk- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण सिर्फ निचले इलाकों में ही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की लग्जरी हाउसिंग सोसाइटियों में भी लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बोरीवली, गोरेगांव, अंधेरी, बांद्रा और दक्षिण मुंबई के कई प्रीमियम रिहायशी इलाकों में जलभराव, बेसमेंट में पानी भरने, बिजली गुल होने और लिफ्ट बंद होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। कई बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग घंटों तक अपने फ्लैटों में फंसे रहे क्योंकि बिजली बाधित होने के कारण लिफ्टें काम नहीं कर रही थीं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और रेडिट पर लोगों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए हैं। कई यूजर्स ने दावा किया कि करोड़ों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बावजूद उन्हें बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। एक निवासी ने बताया कि उनकी 21 मंजिला इमारत में जनरेटर लंबे समय तक बंद रहने से लिफ्ट पूरी तरह ठप हो गई, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।

बारिश के कारण शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर रेलवे स्टेशन पहुंचना पड़ा, जबकि ऑटो और टैक्सी के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित रहा और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।

सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान मुंबई में यही स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। कई लोगों ने सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर खर्च हुए सरकारी धन का हिसाब सार्वजनिक करने और खराब निर्माण के लिए जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून किसी भी इमारत की वास्तविक गुणवत्ता परखने का सबसे उपयुक्त समय होता है। इस दौरान जलभराव, सीलन, पानी का रिसाव, ड्रेनेज सिस्टम और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की असली स्थिति सामने आ जाती है। उनका सुझाव है कि घर खरीदने से पहले केवल फ्लैट नहीं, बल्कि पूरी इमारत की संरचना, रखरखाव और जल निकासी व्यवस्था की भी अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।

लगातार हो रही बारिश ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई में मानसून की चुनौती सिर्फ झुग्गी-झोपड़ियों तक सीमित नहीं है। करोड़ों रुपये की लग्जरी सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को भी जलभराव, बिजली कटौती और लिफ्ट बंद होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शहर की शहरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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