Knews Desk – उत्तर प्रदेश में मोहसिन रजा को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। योगी सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। अध्यक्ष पद के साथ मोहसिन रजा को कैबिनेट रैंक का दर्जा भी दिया जाएगा। इससे प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर उनकी सक्रिय भूमिका बढ़ने की संभावना है।
मोहसिन रजा इससे पहले योगी आदित्यनाथ की सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज जैसे महत्वपूर्ण विभागों में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। 2017 में योगी सरकार के गठन के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था।
बीजेपी से लंबे समय से जुड़े हैं मोहसिन रजा
मोहसिन रजा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की सदस्यता ली थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी दी। राजनीति में आने से पहले रजा क्रिकेट, मॉडलिंग और अभिनय से भी जुड़े रहे हैं। वह रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से क्रिकेट खेल चुके हैं। वर्ष 1995 में उन्हें ‘प्रिंस लखनऊ’ का खिताब भी मिला था।
राजनीतिक सफर में उनकी पहचान खासतौर पर अल्पसंख्यक मामलों से जुड़े मुद्दों को लेकर बनी। अगस्त 2019 में उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी।
वक्फ संपत्तियों को लेकर उठा चुके हैं सवाल
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बनाए जाने से कुछ समय पहले ही मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। 12 अगस्त को हुई इस मुलाकात में उन्होंने प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था।
रजा ने दोनों वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जिला स्तर पर SIT जांच कराने और विशेष ऑडिट की मांग की थी। उनका दावा था कि पहले प्रदेश में दो लाख से अधिक पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं, लेकिन अब इनकी संख्या करीब 1.27 लाख रह गई है। उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान वक्फ बोर्ड के कामकाज और ऑडिट को लेकर भी सवाल उठाए थे।
मोहसिन रजा ने दावा किया था कि करीब 70 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब हुईं या उन पर कथित तौर पर अवैध कब्जे किए गए। हालांकि, इन दावों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब अल्पसंख्यक आयोग की जिम्मेदारी
अब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के तौर पर मोहसिन रजा के सामने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कई अहम मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी। कैबिनेट रैंक मिलने के बाद उनका सरकारी और राजनीतिक कद भी बढ़ेगा।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में आयोग की नई जिम्मेदारी के साथ मोहसिन रजा की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।