वृंदावन में प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला चर्चा में है। दीपक ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे वृंदावन स्थित गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निजी अंग पर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव से मौत की बात सामने आई है। पुलिस को शुरुआती जांच में उसके कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर भी बरामद हुआ है। वहीं, परिजन मामले की CBI से जांच की मांग कर रहे हैं।
Knews Desk – दीपक लोधी मध्य प्रदेश के जबलपुर के गौर इलाके के परसवाड़ा गांव का रहने वाला था। वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ने के बाद उसे रसिक दुलारी शरण के नाम से नई पहचान मिली थी। दीपक की मौसी के बेटे बृजेश कुमार पटेल ने बताया कि उनका बचपन दीपक के साथ बीता था। उनके मुताबिक, दीपक बेहद सीधा-सादा था और पढ़ाई में काफी तेज था।
बृजेश ने बताया कि दीपक किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। उसका पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहता था और वह नौकरी की तैयारी कर रहा था, ताकि अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हालांकि, कॉलेज के दौरान उसकी धार्मिक रुचि बढ़ने लगी। इसके बाद वह भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ गया और उसी में लगा रहा।
परिजनों के मुताबिक, नर्मदा परिक्रमा करने के बाद दीपक वृंदावन पहुंचा और प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ गया। इसके बाद वह वहीं रहने लगा और परिवार से उसका संपर्क धीरे-धीरे खत्म हो गया। एक बार वृंदावन आने के बाद दीपक जबलपुर वापस भी लौटा था, लेकिन करीब दो साल पहले जब वह दोबारा वृंदावन गया तो फिर घर वापस नहीं आया।
दीपक की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग आनन-फानन में वृंदावन स्थित आश्रम पहुंचे। परिजनों का कहना है कि वहां भी उनकी दीपक से मुलाकात नहीं हो सकी।
इससे पहले दीपक के बहनोई सोनू पटेल ने भी उसके बारे में कई बातें बताई थीं। उन्होंने कहा था कि दीपक परिवार में सबसे अच्छा लड़का था और वह 2024 से प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा हुआ था। सोनू के मुताबिक, वृंदावन में गुरु दक्षिणा लेने के बाद से ही दीपक का परिवार से संपर्क खत्म हो गया था।
परिजनों का आरोप है कि आश्रम के लोगों ने उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया। उनका कहना है कि परिवार के लोग दो-दो घंटे आश्रम के बाहर इंतजार करते रहे और फिर वापस लौट जाते थे। सोनू ने बताया कि दीपक अपने पास मोबाइल फोन भी नहीं रखता था, जिसकी वजह से परिवार से उसकी बातचीत नहीं हो पाती थी।
मामले से जुड़ा CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस इसे आत्महत्या से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि, परिजन इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, डायरी और अन्य सामान कब्जे में लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही चोटों और मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।