प्रशासनिक अधिकारियों ने मंगलवार को भी इस पूरे इलाके में अपना बुलडोजर एक्शन पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रखा. इस दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई पीतमपुरा से शालीमार बाग मेन रोड पर देखने को मिली, जहां सड़क के बीचोबीच बनी एक मजार को प्रशासन ने पूरी तरह से हटा दिया. अधिकारियों का कहना है कि इस मजार का निर्माण मुख्य सड़क के बिल्कुल बीचोबीच किया गया था, जिसके चलते रोजाना वहां से गुजरने वाले हजारों वाहनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
Knews Desk- राजधानी दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) की टीम ने पीतमपुरा इलाके में बड़ा अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम के अधिकारियों ने मुख्य सड़क पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान सड़क के बीचों-बीच बनी एक मजार को भी बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पीतमपुरा से शालीमार बाग को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। सड़क के किनारे कई लोगों ने अस्थायी और स्थायी ढांचे बना लिए थे, जिसकी वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए जा रहे अवैध कब्जे
दिल्ली सरकार और नगर निगम की ओर से राजधानी के कई इलाकों में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पीतमपुरा इलाके में भी कार्रवाई की गई। प्रशासन की टीम ने पहले सड़क किनारे मौजूद अवैध निर्माणों की पहचान की और उसके बाद उन्हें हटाने का काम शुरू किया।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क के दोनों तरफ हुए अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई थी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही थी। खासकर व्यस्त समय में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सड़क को सुगम बनाने और यातायात दबाव कम करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस बल की मौजूदगी में हटाई गई मजार
इस पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। पुलिस और नगर निगम की टीम की मौजूदगी में सड़क के बीच बने ढांचे को हटाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, सड़क के बीचों-बीच मौजूद यह ढांचा यातायात में बाधा बन रहा था। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी प्रकार का हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के कई हिस्सों में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चल रही है। फुटपाथ, सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें हटाया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य सड़कों को साफ रखना और आम लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा और रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सकती है। हालांकि, कुछ लोगों ने कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्तियां भी जताई हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
फिलहाल पीतमपुरा इलाके में हुई यह कार्रवाई दिल्ली में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा है। नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे इलाकों में कार्रवाई जारी रह सकती है, जहां सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जे किए गए हैं।