KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है, जहां ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने पार्टी पर कब्जे का दावा करते हुए नई संगठनात्मक संरचना की घोषणा कर दी है।
अभिषेक बनर्जी पर कार्रवाई और ममता बनर्जी को हटाने का दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागी गुट ने दावा किया है कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है और ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटा दिया गया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
इस गुट द्वारा अरूप रॉय को नया चेयरमैन घोषित किया गया है। वहीं, संगठन में कई नई नियुक्तियों का भी ऐलान किया गया है।
नई कमेटी में प्रमुख नाम
नई कथित कमेटी में जावेद खान, संदीपन साहा, ऋतब्रत बनर्जी और सबीना यास्मीन को जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है।
अख्तरुज्जमां को कोषाध्यक्ष और अरूप बिस्वास, फिरहाद हकीम तथा रथिन घोष को उपाध्यक्ष घोषित किया गया है।
60 विधायकों और 70 पार्षदों की मौजूदगी का दावा
बागी गुट का दावा है कि उनकी बैठक में लगभग 60 विधायक और 70 पार्षद शामिल हुए, जहां नई नेतृत्व संरचना को लेकर निर्णय लिया गया। यह कदम राज्य की राजनीति में बड़ी टूट और शक्ति संतुलन बदलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या बागी गुट पार्टी के चुनाव चिन्ह के लिए चुनाव आयोग में दावा करेगा। फिलहाल इस मुद्दे पर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम के साथ यह भी चर्चा में है कि कैसे धीरे-धीरे कई विधायक और नेता इस गुट में शामिल होते गए और नेतृत्व विवाद गहराता गया।
फिलहाल इस कथित विभाजन और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल तेज हो गई है।