Sahil Wakode Suicide Case: IIT बॉम्बे ने स्पष्ट किया है कि संस्थान के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने इस्तीफा नहीं दिया है और प्रो. सूर्यनारायण डूला को सस्पेंड भी नहीं किया गया है। छात्रों की 18 सूत्रीय मांगों पर प्रशासन ने सहमति जताते हुए चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं।
Knews Desk- आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच संस्थान ने सोशल मीडिया और मीडिया में सामने आ रही कुछ खबरों को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। संस्थान ने साफ किया है कि डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे के इस्तीफे की खबर पूरी तरह गलत है। वहीं, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को भी निलंबित नहीं किया गया है। उन्हें डीन (एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स) के पद से हटाया गया है।
IIT बॉम्बे ने कहा कि डायरेक्टर ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है और इस संबंध में प्रसारित खबरें असत्य एवं निराधार हैं। प्रो. डूला को लेकर भी संस्थान ने स्पष्ट किया कि उन्हें सस्पेंड नहीं किया गया, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी वाले डीन पद से मुक्त किया गया है।
इसी बीच, साहिल वाकोडे की मौत के बाद पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और IIT बॉम्बे प्रशासन के बीच हुई लंबी बैठक के बाद 18 सूत्रीय मांग पत्र पर सहमति बनी। संस्थान के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों के चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में साहिल की मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करना शामिल है। इस कमेटी में प्रोफेसरों, छात्र प्रतिनिधियों और बाहरी स्वतंत्र सदस्यों को शामिल करने की मांग की गई है।
छात्रों ने जांच की प्रक्रिया को समयबद्ध रखने की भी मांग की है। इसके तहत अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 और अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2026 तक सार्वजनिक करने की बात कही गई है।
मांग पत्र में परीक्षा निरीक्षक प्रो. सूर्यनारायण डूला के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग भी शामिल थी। इसके अलावा साहिल की मौत के बाद जांच पूरी होने से पहले जारी किए गए संस्थान के शुरुआती बयान को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग की गई थी।
छात्रों ने डायरेक्टर, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ओपन हाउस आयोजित करने की मांग भी रखी है, ताकि छात्र सीधे संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकें।
इसके अलावा कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने, प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और छात्रों के साथ मानसिक प्रताड़ना की घटनाओं को रोकने के लिए SOP तैयार करने की मांग भी 18 सूत्रीय चार्टर में शामिल है।
IIT बॉम्बे ने चार्टर पर हस्ताक्षर के साथ कुछ मांगों पर कार्रवाई भी की है। संस्थान ने प्रो. सूर्यनारायण डूला को डीन (एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स) के पद से हटा दिया है। साथ ही, साहिल की मौत के बाद दिए गए शुरुआती बयान को लेकर संस्थान ने माफी मांगी है। प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटना को किसी विशेष रूप में पेश करना उचित नहीं था और मामले के निष्पक्ष तथ्य पुलिस तथा क्राइम ब्रांच की जांच के बाद सामने आएंगे।
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उसके परिजनों की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने BNS की धारा 108 और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस ने साहिल का मोबाइल फोन भी जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
वहीं, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रो. डूला के समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा है कि उन्होंने परीक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया था। मामले की जांच जारी है और आगे की स्थिति पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।