KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। साथ ही दावा किया कि उन्हें चुनाव में “जबरदस्ती हराया गया” और समय आने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा और उन्हें “गद्दार” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपना मजबूत संगठन नहीं है, इसलिए वह दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है।
‘पुलिस BJP कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही’
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वह पुलिस का सम्मान करती हैं, लेकिन मौजूदा हालात में पुलिस BJP के एजेंट की तरह काम कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि TMC नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे BJP में शामिल हो जाएं, अन्यथा उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
ममता ने कहा, “अगर मैं समझौता कर लेती तो शायद यह सब नहीं होता, लेकिन मैंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।”
‘BJP के पास संगठन नहीं, इसलिए शामिल कर रही गद्दार’
TMC प्रमुख ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपना मजबूत संगठन नहीं है, इसलिए वह दूसरी पार्टियों से नेताओं को शामिल कर रही है।
उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, वे TMC पर बोझ थे और जनता ने उन्हें पार्टी के चुनाव चिह्न पर भरोसा करके चुना था।
सरकारी योजनाओं को लेकर भी साधा निशाना
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार गरीबों के लिए शुरू की गई योजनाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि कई लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि स्कूलों के मिड-डे मील से अंडे हटाए गए हैं, जिससे छात्रों के पोषण पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना से करीब 1.5 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने की जानकारी उन्हें विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मिली है।
अभिषेक बनर्जी का किया बचाव
ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और TMC नेता अभिषेक बनर्जी का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभिषेक ने संघर्ष किया और खुद को साबित किया।
ममता ने कहा कि अगर अभिषेक चाहते तो समझौता कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और हर चुनौती का सामना डटकर किया।
अपने संबोधन के अंत में ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा डर का माहौल बनाकर स्थानीय निकायों और पंचायतों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।