KNEWS DESK- अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक Strait of Hormuz को लेकर हालात तेजी से बदलते रहे। शुक्रवार को ईरान की ओर से इस स्ट्रेट को खोलने के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद स्थिति पूरी तरह उलट गई और शनिवार तक यह मार्ग फिर से बंद कर दिया गया।
शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संकेत दिया था कि होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया गया है और जहाजों की आवाजाही को लेकर समन्वय किया जाएगा। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट दर्ज की गई और दुनिया को राहत की उम्मीद जगी।
हालांकि ईरान के ही अर्ध-सरकारी मीडिया ने इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों और शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी बीच अमेरिका की ओर से सख्त रुख सामने आया, जिसमें कहा गया कि जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं होता, ईरान के बंदरगाहों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
बढ़ते तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को ऐलान किया कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद कर दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई कि इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाजों को दुश्मन की मदद करने वाला माना जाएगा और उन पर कार्रवाई हो सकती है।
इसी दौरान ओमान के तट के पास दो जहाजों पर फायरिंग की भी खबर सामने आई, जिसे ईरानी गनबोट्स की कार्रवाई बताया गया है।
ईरान की सेना ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई और नाकेबंदी खत्म नहीं करता, तब तक समुद्री मार्ग पर कड़ी पाबंदियां जारी रहेंगी। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी बयान दिया कि देश की नौसेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में है, लेकिन अमेरिका किसी भी दबाव में नहीं आएगा। दूसरी ओर ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद अभी अमेरिकी प्रस्तावों पर विचार कर रही है।
स्थिति और गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि दोनों देशों के बीच लागू अस्थायी युद्धविराम जल्द ही समाप्त होने वाला है। 8 अप्रैल को हुआ यह सीजफायर 22 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि अगर तब तक समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है, जबकि ईरान ने भी कड़े जवाब की चेतावनी दी है।
होर्मुज स्ट्रेट, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, वहां लगातार बदलते हालात ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक राजनीति दोनों को अस्थिर कर दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।