मतदाता सूची सत्यापन का तीसरा चरण शुरू, 4 राज्यों में घर-घर पहुंचेंगे चुनाव अधिकारी

KNEWS DESK – भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस चरण के तहत ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाताओं का सत्यापन और डेटा अपडेट करने का काम शुरू हो चुका है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जा सकें।

इस अभियान के तहत बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वे लोगों को आवश्यक फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें भरकर संबंधित चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाया जा सकता है। मतदाता चाहें तो ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन जमा करने वाले मतदाताओं का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं, जो लोग समय पर आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें बाद में दावा और आपत्ति प्रक्रिया के दौरान भी मौका दिया जाएगा।

राजनीतिक दलों को भी मिली जिम्मेदारी

चुनाव प्रक्रिया को अधिक सहभागी और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को भी इस अभियान में शामिल किया है। ये एजेंट मतदाताओं से फॉर्म लेकर चुनाव अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। आयोग का मानना है कि इससे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बन सकेगी और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को गति मिलेगी।

राजनीतिक दल जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बूथ लेवल एजेंट भी नियुक्त कर सकते हैं। साथ ही नए मतदाताओं को पंजीकरण फॉर्म उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इन एजेंट्स को दी गई है।

लाखों मतदाताओं का होगा सत्यापन

चारों राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाता इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। चुनाव आयोग ने इसके लिए हजारों बूथ स्तर अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को तैनात किया है। यह अभियान मतदाता सूची को अपडेट रखने और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आयोग ने की सहयोग की अपील

निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। आयोग ने कहा है कि जब चुनाव अधिकारी घर-घर पहुंचें तो लोग उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर योग्य नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।

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