KNEWS DESK- चुनाव आयोग को लेकर सियासी विवाद के बीच कांग्रेस ने 25 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन शुरू किया। पटना से जम्मू तक कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकाल रहे हैं और उनके इस्तीफे के साथ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए। जम्मू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन भवन के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी CEC के इस्तीफे की मांग की थी। कांग्रेस ने सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों को चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने का निर्देश दिया है। इसके बाद 28 सितंबर को जिला कांग्रेस समितियों को जिला मुख्यालयों तक मार्च निकालने को कहा गया है।
इस बीच CJP ने भी ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने समयसीमा पूरी होने के बाद देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के फैसलों और प्रशासनिक आदेशों पर कई बार आपत्ति दर्ज की। ये मामले SIR, मतदाता सूची और नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया से जुड़े बताए गए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों के बीच कहा है कि आयोग के अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए जाते हैं।