KNEWS DESK- पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की अटकलों पर विराम लगाते हुए मौजूदा अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद पर बनाए रखने का फैसला किया है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ कहा कि संगठन में बदलाव नहीं, बल्कि अब विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा।
राजा वडिंग फिलहाल पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर दावेदारी की चर्चा थी। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व के रुख से स्पष्ट हो गया है कि चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष बदलने की कोई योजना नहीं है। इसी बीच राहुल गांधी जल्द पंजाब का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक उनकी यात्रा अमृतसर से शुरू होने की संभावना है। राहुल गांधी पहले दरबार साहिब में मत्था टेक सकते हैं और इसके बाद पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बस यात्रा पर निकलेंगे। यह यात्रा अमृतसर से शुरू होकर हुसैनीवाला तक करीब 135 किलोमीटर की हो सकती है। यात्रा के पहले चरण में लगभग 25 से 30 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किए जाने की संभावना है।
कांग्रेस की इस रणनीति को विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अब नेतृत्व परिवर्तन के बजाय मौजूदा संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। दूसरी ओर, चरणजीत सिंह चन्नी के कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर भी चर्चा रही। चन्नी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह पार्टी हाईकमान से अनुमति लेकर बैठक में शामिल नहीं हुए थे, क्योंकि उसी दिन उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी में परीक्षा देनी थी। उन्होंने कहा कि परीक्षा छोड़ने पर उनकी डिग्री में एक साल की देरी हो सकती थी और इससे उनके रिसर्च कार्य पर भी असर पड़ता।
चन्नी पंजाब यूनिवर्सिटी से राजनीतिक विज्ञान में PhD कर चुके हैं और फिलहाल पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री कर रहे हैं। उन्होंने पंजाब के अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार रोकने के लिए सुधार किए जाएंगे। चन्नी ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सत्ता में आई तो राज्य में मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के लिए ऐसा मॉडल तैयार करेगी, जिसमें सरकारी सेवाओं को बेहतर और अधिक सुलभ बनाया जा सके।
फिलहाल पंजाब कांग्रेस ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खत्म कर दिया है। अब पार्टी की नजर राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे और चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर है।