10वें दीपोत्सव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने और विकास की रोशनी समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने का आह्वान किया।
Knews Desk- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपावली और 10वें दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि जब श्रीराम जन्मभूमि पर दीप प्रज्वलित हों, तब हर व्यक्ति अपने घर-आंगन में भी दीप जलाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम में मनाया जा रहा दीपोत्सव आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का पर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सरयू की गोद में बसी अयोध्या अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति से सराबोर है। लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का संदेश देगी। उन्होंने उपराष्ट्रपति, विभिन्न देशों के राजदूतों, राजनयिकों, साधु-संतों और रामभक्तों का स्वागत करते हुए कहा कि सभी की सहभागिता दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने दीपक को चेतना के जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अंधकार से लड़ने के बजाय एक ज्योति जलाना ही पर्याप्त है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीपों की जगमगाहट और विश्व कीर्तिमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और राष्ट्र के आत्मगौरव की पुनर्स्थापना का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि 2017 में सरयू तट पर प्रज्ज्वलित संकल्प की लौ आज सांस्कृतिक गौरव को वैश्विक पहचान दे रही है। 10वें दीपोत्सव पर मुख्यमंत्री ने लोगों से श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने और ऐसा रामराज्य स्थापित करने का संकल्प लेने की अपील की, जहां विकास की रोशनी समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचे और सेवा, समरसता तथा आस्था की ज्योति हमेशा जलती रहे।