KNEWS DESK- रेलवे कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11.40 लाख से अधिक कर्मचारियों को 78 दिनों का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी है। इस पर सरकार कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 11,40,770 रेलवे कर्मचारियों को बोनस देने का फैसला लिया गया। योग्य नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को हर साल दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले यह बोनस दिया जाता है। इस साल भी कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस मिलेगा।
एक कर्मचारी को कितना मिलेगा बोनस?
इस योजना के तहत प्रत्येक योग्य रेलवे कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर यानी गार्ड, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ और अन्य ग्रुप-C कर्मचारी शामिल हैं।
रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे ने रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की और लगभग 7.41 अरब यात्रियों को यात्रा कराई।
बोनस की सीमा बढ़ाने की मांग
मौजूदा व्यवस्था में बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की वेतन सीमा और 78 दिनों की अवधि का इस्तेमाल किया जाता है। इसके आधार पर अधिकतम 17,951 रुपये का बोनस मिलता है।
इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 18,000 रुपये करने के साथ महंगाई भत्ते को भी शामिल करने की मांग की है। एसोसिएशन का तर्क है कि मौजूदा सीमा में बदलाव जरूरी है। 18,000 रुपये की सीमा के आधार पर संगठन ने सालाना बोनस कम से कम 46,184 रुपये करने की सिफारिश की है।