‘देश पर मंडरा रहा आर्थिक संकट’… राहुल गांधी का दावा- महंगाई और बेरोजगारी से सबसे ज्यादा पिसेंगे युवा और किसान

KNEWS DESK – देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महंगे ईंधन और आर्थिक हालात को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में आम जनता को भारी झटका लग सकता है।

रायबरेली में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के सामने मुश्किल दौर आने वाला है। उनके मुताबिक, आर्थिक ढांचे में हो रहे बदलाव का सबसे ज्यादा असर इन्हीं वर्गों पर पड़ेगा। राहुल गांधी ने कहा कि जिस तरह का आर्थिक दबाव अब बनने जा रहा है, वैसा पिछले कई वर्षों में देखने को नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी दोनों लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में सरकार समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय लोगों पर पाबंदियां लगाने में लगी हुई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रही।

इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दे रही है, जबकि प्रधानमंत्री खुद लगातार विदेश दौरों पर रहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश को इस समय मजबूत आर्थिक फैसलों की जरूरत है, लेकिन सरकार सिर्फ बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है।

दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। पांच दिनों के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत में 86 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही बीते पांच दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब 4 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं कुछ दिन पहले सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी, जिससे परिवहन और रोजमर्रा के खर्चों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

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