शक्कर के बाद गुड़ ने बिगाड़ा बजट, त्योहारों से पहले 30% तक बढ़े दाम

Knews Desk: शक्कर के बाद अब गुड़ की बढ़ती कीमतों ने भी आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत प्रमुख उत्पादक राज्यों में गुड़ के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसका सीधा असर आने वाले दिनों में मिठाई, लड्डू और अन्य पारंपरिक पकवानों की कीमतों पर पड़ सकता है।

मुंबई APMC में 25 अगस्त 2026 को गुड़ की कीमत करीब 80 से 100 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। अलग-अलग गुणवत्ता के हिसाब से कीमतों में अंतर है और खुदरा बाजार में ग्राहकों को इससे अधिक कीमत भी चुकानी पड़ सकती है।

30 फीसदी तक बढ़े दाम

रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में पिछले दो हफ्तों के दौरान गुड़ की कीमतों में करीब 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। वहीं, कारोबारियों और उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगस्त में देशभर में गुड़ की कीमतें लगभग 25 से 30 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं।

गुड़ की कीमतों में तेजी का असर ऐसे समय में आया है, जब रक्षाबंधन समेत कई त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में मिठाई और पारंपरिक खाद्य पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले गुड़ की लागत बढ़ने से तैयार उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं।

गन्ने की कम उपलब्धता का असर

जानकारों के मुताबिक, अगले साल गन्ने की उपलब्धता कम रहने की आशंका है। इसी वजह से बाजार में गुड़ की कीमतों को लेकर दबाव बढ़ा है। गुड़ और चीनी की कीमतों का गन्ने की उपलब्धता से सीधा संबंध है। अक्टूबर में नया उत्पादन शुरू होने तक कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट की उम्मीद कम जताई जा रही है।

व्यापारियों का मानना है कि अगर गन्ने की उपलब्धता अनुमान के मुताबिक कम रही तो गुड़ की ऊंची कीमतों का असर 2027 तक देखने को मिल सकता है।

त्योहारों में महंगी हो सकती है मिठाई

गुड़ की कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा असर मिठाई कारोबार पर पड़ सकता है। गुड़ से बनने वाली मिठाइयों, लड्डू और अन्य पारंपरिक पकवानों की लागत बढ़ने पर दुकानदार इसका बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं।

यानी आने वाले त्योहारों में अगर गुड़ के दाम इसी स्तर पर बने रहे तो मिठाई खरीदने के लिए लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। फिलहाल बाजार में नई फसल और अक्टूबर से शुरू होने वाले नए उत्पादन पर नजर बनी हुई है।

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