KNEWS DESK– शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा सोनम वांगचुक का 26 दिनों का उपवास खत्म हो गया है। उपवास खत्म करने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि यह अंत नहीं, बल्कि जवाबदेही की शुरुआत है।
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार और अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि देश की खराब होती परीक्षा प्रणाली और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर अब ठोस कदम उठाने की जरूरत है। वांगचुक ने कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें यह आश्वासन भी मिला है कि हाल के NEET पेपर लीक मामलों से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। इसके अलावा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने का भी भरोसा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की और उपवास खत्म करने की अपील की। सांसदों ने उन्हें भरोसा दिया कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा जवाबदेही को लेकर चर्चा करेंगे। वांगचुक के मुताबिक, सरकार की ओर से मिलने वाले आश्वासन के बाद उन्होंने उपवास खत्म करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि वह सरकार से मिले भरोसे को सकारात्मक कदम मानते हैं, लेकिन अब असली परीक्षा इन वादों को लागू करने की होगी।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उपवास खत्म हो गया है, लेकिन जवाबदेही की प्रक्रिया अब शुरू हुई है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों की रक्षा को जरूरी बताया। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनसे डॉक्टरों की सलाह मानने और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और जिम्मेदार लोगों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का एक भी साल बर्बाद न हो। प्रधानमंत्री ने बताया कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं दोबारा आयोजित कराई गईं और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसे कदमों पर भी काम किया जा रहा है।
सोनम वांगचुक के उपवास खत्म करने के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदमों पर है। छात्रों से जुड़े मुद्दों, पेपर लीक रोकने की व्यवस्था और शिक्षा सुधारों को लेकर संसद में होने वाली चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।