उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने INDIA गठबंधन की महारैली में शामिल होने को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख को मुलायम सिंह यादव की परंपरा की याद दिलाई।
Knews Desk – उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर 1 नवंबर 1984 को हुए सिख विरोधी दंगों का जिक्र किया और दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली में अखिलेश यादव के शामिल होने पर सवाल उठाए।
1984 के सिख विरोधी दंगों का किया जिक्र
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘अखिलेश यादव जी याद है आपको? आज ही के दिन 1 नवंबर 1984 को आपके बड़के भइया के पिता जी के इशारे पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर सिख-विरोधी हिंसा और दंगे भड़क उठे थे। हजारों की संख्या में सिख भाइयों की कांग्रेसियों ने हत्या की थी।
राजभर ने कहा कि इस दुख भरे दिन के लिए उनकी संवेदनाएं सिख समाज के लोगों के साथ हैं। उन्होंने दावा किया कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी इस दिन को शोक के रूप में मनाते थे। राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या उन्होंने अपने पिता की परंपरा को ध्यान में रखने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश अपनी संवेदनाएं भूलकर आधी रात दिल्ली में कांग्रेस के साथ खड़े होने पहुंच गए।
अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए राजभर ने कहा कि वह दिल्ली में रैली के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने पहुंच गए हैं। उन्होंने अखिलेश की एक पुरानी तस्वीर का जिक्र करते हुए भी तंज कसा और कहा कि अगर उन्होंने इतनी मेहनत अपनी पार्टी के लिए की होती, तो आज समाजवादी पार्टी की स्थिति कुछ और होती।
पिता और चाचा का सम्मान करने की कही बात
राजभर ने अखिलेश यादव के खुद को कृष्णवंशी बताने का जिक्र करते हुए उनसे अपने पिता स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव की इज्जत रखने की बात कही। उन्होंने सवाल किया, ‘इतना दबकर भी कोई राजनीति करता है क्या?’ अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय परशुराम और जय महाराज सुहेलदेव के नारे भी लिखे।
दरअसल, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित हो रही है, जिसमें अखिलेश यादव समेत गठबंधन के कई नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। इसी दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इससे पहले बीजेपी ने भी इस दिन रैली आयोजित करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था।