देवदत्त पडिक्कल 199 रन पर आउट, दोहरे शतक से चूके; अंपायर के फैसले पर उठे सवाल

Knews Desk- न्यूजीलैंड ए और इंडिया ए के बीच खेले जा रहे मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता के बीच अच्छा तालमेल बनाते हुए 248 गेंदों का सामना किया और 199 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 24 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। हालांकि, वह अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए।पडिक्कल के विकेट पर उस समय चर्चा शुरू हुई, जब न्यूजीलैंड ए के गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद पर उन्हें कॉट बिहाइंड आउट करार दिया गया। गिब्सन की गेंद लेग साइड की तरफ सामान्य लेंथ पर थी। बाएं हाथ के बल्लेबाज पडिक्कल ने इस गेंद को फ्लिक करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके पैड से लगकर विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। इसके बाद न्यूजीलैंड ए की ओर से अपील की गई और ऑनफील्ड अंपायर ने पडिक्कल को आउट दे दिया।

अंपायर के फैसले पर पडिक्कल ने हैरानी जताई। उनके हाव-भाव से लगा कि वह इस फैसले से सहमत नहीं थे। उन्हें ऐसा लगा कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी, बल्कि पैड से टकराकर विकेटकीपर तक पहुंची थी। कॉट बिहाइंड के मामले में यह अंतर अहम होता है। यदि गेंद बल्ले से लगकर विकेटकीपर के दस्तानों में जाती है, तो बल्लेबाज आउट हो सकता है। वहीं, गेंद केवल पैड से लगकर विकेटकीपर तक पहुंचे, तो कॉट बिहाइंड के आधार पर बल्लेबाज आउट नहीं होता।

न्यूजीलैंड ए की अपील भी बहुत मजबूत नजर नहीं आई, लेकिन अंपायर ने उसे स्वीकार करते हुए पडिक्कल को पवेलियन लौटने का इशारा कर दिया। इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या पडिक्कल को गलत आउट दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि अंपायर का फैसला गलत था।विवादित फैसले के साथ पडिक्कल की पारी का अंत जरूर हुआ, लेकिन उनका प्रदर्शन इंडिया ए के लिए खास रहा। वह टीम की ओर से सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए। यह इंडिया ए के लिए उनका तीसरा शतक भी रहा। इसके अलावा, इसी पारी के दौरान उन्होंने इंडिया ए के लिए अपने 1,000 रन भी पूरे किए।पडिक्कल भले ही दोहरे शतक से एक रन दूर रह गए, लेकिन 199 रन की उनकी पारी ने मुकाबले में उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाया। अब उनके विकेट को लेकर चर्चा का केंद्र अंपायर का फैसला बना हुआ है।

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