हरदोई पुलिस लंबे समय से प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार की तलाश कर रही थी। झांसी के मऊरानीपुर में उसके मौजूद होने की सूचना मिलने के बाद हरदोई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर वर्ष 2014 में लूट और 2018 में मारपीट का मामला दर्ज था। अदालत में पेश नहीं होने पर उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए थे।
Knews Desk- झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैंचा गांव में स्थित काली सरकार मंदिर से प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से हरदोई जिले का रहने वाला है। आरोप है कि वह पुलिस से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर सत्यानंद शुक्ला के नाम से रहने लगा था। इस दौरान उसने बाबा के रूप में अपनी पहचान बनाई और मंदिर में दरबार लगाने लगा।
आरोपी की गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि एक तरफ पुलिस उसे पुराने आपराधिक मामलों में तलाश रही थी, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर उसके तीन लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। उसके दरबार में अपनी परेशानियों का समाधान तलाशने वाले श्रद्धालु पहुंचते थे।
लूट और मारपीट के मामलों में था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप शुक्ला के खिलाफ वर्ष 2014 में लूट और वर्ष 2018 में मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। इन मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी हुए थे। इसके बाद से हरदोई पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदल ली थी। वह सत्यानंद शुक्ला के नाम से रहने लगा और संत का रूप धारण कर लिया। बाद में झांसी के मऊरानीपुर स्थित कुरैंचा गांव में काली सरकार मंदिर से उसकी गतिविधियां संचालित होने लगीं। इस तरह पुराने आपराधिक मामलों में वांछित होने के बावजूद उसने क्षेत्र में बाबा के रूप में अपनी पहचान बना ली।
मंदिर में लगता था दिव्य दरबार
काली सरकार मंदिर में लगने वाले दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात सामने आई है। बताया जाता है कि लोग अपनी बीमारियों और निजी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर उसके पास आते थे। आरोपी बीमारियों को ठीक करने और परेशानियों को दूर करने का दावा करता था। इसी वजह से आसपास के इलाकों में उसके दरबार की चर्चा होने लगी थी।
जानकारी के मुताबिक, उसके दरबार में विदेशी श्रद्धालु भी पहुंचते थे। उसके आर्मी के कपड़े पहनने की बात भी सामने आई है। हालांकि, दरबार से जुड़े दावों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फेसबुक पर तीन लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
काली सरकार की पहचान केवल मंदिर तक सीमित नहीं थी। सोशल मीडिया पर भी उसकी अच्छी-खासी लोकप्रियता बताई जा रही है। फेसबुक पर उसके तीन लाख से अधिक फॉलोअर्स होने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों के बीच पहचान बनाने वाले काली सरकार के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में पुराने आपराधिक मामले दर्ज थे।
पुलिस के अनुसार, हरदोई पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार मऊरानीपुर में मौजूद है। इसके बाद हरदोई पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। अब इस गिरफ्तारी के बाद उसकी बदली हुई पहचान और पुराने मामलों को लेकर मामला चर्चा में है।