Knews Desk- स्मार्टफोन अब केवल कॉलिंग और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रह गया है। लोग मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल पढ़ाई करने, नौकरी खोजने, नई स्किल सीखने और मनोरंजन के लिए भी कर रहे हैं। सेंसर टावर की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में साल 2025 के दौरान ऐप डाउनलोड के आंकड़ों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऐप्स की रही, जिनके डाउनलोड में सालाना आधार पर 205 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
AI ऐप्स की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे उनकी उपयोगिता को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। इन ऐप्स की मदद से यूजर्स सवालों के जवाब पाने, किसी विषय को समझने, लेख लिखने, नए आइडिया तैयार करने और रोजमर्रा के काम आसान बनाने में मदद ले सकते हैं। ChatGPT जैसे ऐप्स ने AI तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। छात्र, नौकरीपेशा लोग और कंटेंट क्रिएटर्स भी अपनी जरूरतों के मुताबिक इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, डाउनलोड में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि सभी यूजर्स इन ऐप्स का नियमित इस्तेमाल करते हैं।
AI के अलावा पढ़ाई और नौकरी से जुड़े ऐप्स की मांग में भी इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत में एजुकेशन और जॉब ऐप्स के डाउनलोड 39 फीसदी बढ़े। इन ऐप्स के जरिए यूजर्स ऑनलाइन कोर्स, नई स्किल सीखने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नौकरी से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। यह रुझान बताता है कि लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा और करियर से जुड़े अवसर तलाशने के लिए भी कर रहे हैं।मीडिया और एंटरटेनमेंट ऐप्स के डाउनलोड में भी 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। खास तौर पर शॉर्ट ड्रामा और छोटे-छोटे एपिसोड में दिखाई जाने वाली कहानियां यूजर्स को आकर्षित कर रही हैं। इन ऐप्स पर कम समय में कहानी देखने का विकल्प मिलता है, जिससे लोग खाली समय में भी मनोरंजन कर सकते हैं। मोबाइल पर कंटेंट देखने की बदलती आदतों के बीच इस तरह के ऐप्स अपनी जगह बना रहे हैं।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Instagram, WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आज भी लोगों की डिजिटल जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। हालांकि, डाउनलोड में कमी को इन प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता घटने का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता। कई यूजर्स के फोन में ये ऐप्स पहले से मौजूद होते हैं, इसलिए उन्हें दोबारा डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती। डाउनलोड के आंकड़े यह भी नहीं बताते कि मौजूदा यूजर्स कितनी सक्रियता से इन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।कुल मिलाकर, सेंसर टावर की रिपोर्ट भारत में मोबाइल ऐप्स के बदलते इस्तेमाल की तस्वीर पेश करती है। AI, एजुकेशन, जॉब और एंटरटेनमेंट ऐप्स की बढ़ती मांग बताती है कि यूजर्स अब स्मार्टफोन से ज्यादा काम लेना चाहते हैं। वहीं, सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में गिरावट यह स्पष्ट करती है कि किसी ऐप की लोकप्रियता को समझने के लिए केवल डाउनलोड के आंकड़ों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।