उत्तर प्रदेश के जौनपुर में नवरात्रि के पहले दिन दुर्गा पंडाल में बिजली का करंट उतरने से सात साल के बच्चे की जान चली गई। शाम की आरती के दौरान लोहे के खंभे को पकड़ते ही बच्चा करंट की चपेट में आ गया। हादसे के बाद प्रशासन ने जिले के सभी दुर्गा पंडालों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं।
Knews Desk- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में नवरात्रि उत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। केराकत थाना क्षेत्र के कटहरा गांव में दुर्गा पंडाल में करंट लगने से सात साल के बच्चे की मौत हो गई। घटना रविवार शाम प्रथम नवरात्र की आरती के समय हुई, जिससे उत्सव के माहौल में मातम छा गया।
जानकारी के मुताबिक, कटहरा गांव में नवरात्रि के अवसर पर भव्य दुर्गा पंडाल सजाया गया था। पंडाल में रोशनी के लिए बिजली की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली की लाइन कहीं से पंडाल में लगे लोहे के खंभों के संपर्क में आ गई थी। शाम को जब श्रद्धालु मां दुर्गा की आरती कर रहे थे, तभी बच्चे ने खड़े होने के लिए खंभे को पकड़ लिया। खंभे में करंट उतरने के कारण वह उसकी चपेट में आ गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चे को किसी तरह खंभे से अलग किया और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने जिले के सभी दुर्गा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को दो दिन के भीतर फायर सेफ्टी समेत अन्य निर्धारित मानकों की जांच पूरी करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के किसी भी दुर्गा पंडाल का संचालन नहीं किया जा सकेगा। एनओसी जारी करने के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को अधिकृत किया गया है। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही है।