Navratri Vrat 2026: नवरात्रि में सेंधा नमक खाना चाहिए या नहीं? फलाहार बनाते समय इन नियमों का रखें ध्यान

KNEWS DESK- नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत रखने वाले भक्तों के मन में अक्सर सेंधा नमक के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते हैं। क्या फलाहार में सेंधा नमक खाना धार्मिक रूप से सही है और इसे इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जानिए नवरात्रि व्रत में सेंधा नमक से जुड़े जरूरी नियम।

शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास रखते हैं और पूजा-पाठ के साथ खानपान के नियमों का पालन करते हैं। व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में असमंजस रहता है। इन्हीं सवालों में से एक है कि नवरात्रि के व्रत में सेंधा नमक खाना चाहिए या नहीं।

व्रत में सेंधा नमक का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

नवरात्रि के व्रत में सामान्य टेबल सॉल्ट की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सेंधा नमक को व्रत के अनुकूल माना जाता है। यही वजह है कि व्रत के दौरान आलू की सब्जी, साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू की पूड़ी और दूसरे फलाहारी व्यंजनों में इसका उपयोग किया जाता है। हालांकि, व्रत में क्या खाना स्वीकार्य है, यह परिवार की परंपरा, धार्मिक मान्यताओं और व्यक्ति द्वारा अपनाए गए व्रत के नियमों पर भी निर्भर करता है। इसलिए उपवास शुरू करने से पहले अपने घर में प्रचलित परंपरा के अनुसार नियमों को समझ लेना बेहतर रहता है।

नवरात्रि के व्रत में क्या खा सकते हैं?

व्रत के दौरान आमतौर पर फल, दूध, दही, मखाना, मेवे, साबूदाना, कुट्टू का आटा और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन खाए जाते हैं। इनसे अलग-अलग तरह के फलाहारी पकवान तैयार किए जा सकते हैं। भोजन बनाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इस्तेमाल की जा रही सामग्री आपके व्रत के नियमों के अनुकूल हो।

फलाहार में सेंधा नमक डालने से स्वाद बढ़ता है और यह व्रत में इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक विकल्प भी है। हालांकि, इसे पूरी तरह रसायन-मुक्त या सामान्य नमक से हर लिहाज में बेहतर मानना सही नहीं है। सेंधा नमक भी मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड होता है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

सेंधा नमक इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्रि के दौरान फलाहार तैयार करते समय रसोई और बर्तनों की साफ-सफाई का ध्यान रखें। सेंधा नमक को साफ और सूखे डिब्बे में रखें। यदि घर में व्रत और सामान्य भोजन अलग-अलग तैयार किए जाते हैं, तो दोनों के लिए इस्तेमाल होने वाले मसालों और बर्तनों को अलग रखना सुविधाजनक हो सकता है।

खाना पकाने के लिए घी या अपनी परंपरा के अनुसार स्वीकार्य तेल का इस्तेमाल करें। सरसों के तेल या रिफाइंड तेल को हर जगह व्रत में वर्जित मानने का कोई एक समान नियम नहीं है; इस संबंध में परिवार और क्षेत्र की परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं।

इसके अलावा, व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पिएं और भोजन में संतुलन बनाए रखें। हाई ब्लड प्रेशर या किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को नमक की मात्रा को लेकर चिकित्सकीय सलाह का पालन करना चाहिए।

कुल मिलाकर, नवरात्रि के व्रत में सेंधा नमक का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से स्वीकार्य माना जाता है। फलाहार बनाते समय अपने धार्मिक नियमों, खानपान की परंपरा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखें, ताकि उपवास श्रद्धा के साथ और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।

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