यमुना एक्सप्रेसवे पर जलती बस से कैसे बची लड़की? ‘जूते पहनने तक का वक्त नहीं मिला, सिर्फ फोन लेकर निकली’

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस अग्निकांड में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और बस के परमिट, फिटनेस, बीमा तथा चालक के लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

Knews Desk– यमुना एक्सप्रेसवे पर दयानंदपुर गांव के पास दिल्ली से महोबा जा रही डबल डेकर स्लीपर AC बस में अचानक आग लग गई। हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने और अपना सामान तक उठाने का मौका नहीं मिला। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं।

हादसे से बचकर बाहर निकली यात्री रिंकी राजपूत ने घटना की भयावहता बताई। उसने बताया कि वह नोएडा से अपने घर जा रही थी और बस में सो रही थी। इसी दौरान किसी ने गेट बजाया, जिसके बाद वह बाहर निकलने के लिए आगे बढ़ी। तब तक बस में काफी भीड़ जमा हो चुकी थी। रिंकी के मुताबिक, उसने अपना कोई सामान नहीं लिया और यहां तक कि जूते भी नहीं पहने। वह सिर्फ अपना फोन लेकर बस से बाहर निकली।

रिंकी ने बताया कि बाहर निकलने के दौरान बस में इतनी अफरा-तफरी थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उसे खींचकर बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे ज्यादा कुछ याद नहीं है। उसके मुताबिक, आग ड्राइवर की सीट के पास लगी थी और उसके पीछे काफी लोग मौजूद थे। उसे आशंका है कि पीछे मौजूद कुछ यात्री बाहर नहीं निकल पाए।

जानकारी के मुताबिक, बस राज कल्पना ट्रैवल्स की थी और उसका पंजीकरण नंबर BR32 PA8647 बताया गया है। बस कश्मीरी गेट से नोएडा होते हुए महोबा जा रही थी। दयानंदपुर गांव के पास अचानक बस से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं। आग फैलते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि कुछ लोगों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई।

हादसे की सूचना मिलते ही यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए करीब चार फायर टेंडर और पानी के टैंकर लगाए गए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद बस को ठंडा किया गया और उसके अंदर फंसे यात्रियों की तलाश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग के दौरान बस से पटाखे जैसी आवाजें भी सुनाई दे रही थीं।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जेवर टोल और फलेदा कट के पास करीब 20 मिनट तक यातायात रोक दिया गया। आग बुझने और स्थिति नियंत्रित होने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात फिर से सामान्य कर दिया गया। पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और राहत-बचाव के साथ हादसे की जांच में जुटे रहे।

ग्रेटर नोएडा की एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार के मुताबिक, बस कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी। पुलिस बस के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, चालक के लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रही है। बस पर बिहार का रजिस्ट्रेशन नंबर मिला है और इसके वास्तविक मालिक की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

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