Knews Desk- केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट और उसके लागू होने का बेसब्री से इंतजार है। आयोग फिलहाल अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा कर रहा है। रिपोर्ट लागू होने में जितना समय लगेगा, उसी आधार पर कर्मचारियों के एरियर की रकम भी बढ़ सकती है। हालांकि, एरियर की वास्तविक राशि फिटमेंट फैक्टर और सरकार की ओर से तय किए जाने वाले नियमों पर निर्भर करेगी।
आठवें वेतन आयोग ने इसी महीने जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में अहम बैठकें की हैं। अब आयोग की अगली बैठक 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में होने वाली है। सरकार ने नवंबर 2025 में आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया था। इसका मतलब है कि आयोग को मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को देनी है। हालांकि, पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए इसमें 3 से 6 महीने का अतिरिक्त समय लगने की संभावना भी जताई जा रही है। जानकारों के मुताबिक रिपोर्ट मार्च से अगस्त 2027 के बीच सरकार को सौंपी जा सकती है।एरियर की गणना में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होगी। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया जाता है, तो लेवल 8 के कर्मचारियों की मौजूदा 47,600 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर 1,22,332 रुपये हो सकती है। यानी बेसिक पे में 74,732 रुपये का अंतर आएगा। अगर नई व्यवस्था लागू होने में 24 महीने की देरी होती है, तो इसी अंतर के आधार पर करीब 17,93,568 रुपये का एरियर बन सकता है।
अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 रहता है, तो लेवल 8 के कर्मचारियों के लिए 24 महीने का एरियर करीब 13,13,760 रुपये हो सकता है। वहीं 2.28 के फिटमेंट फैक्टर पर यह रकम करीब 14,62,272 रुपये तक पहुंच सकती है। इस तरह फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी और एरियर की रकम पर पड़ेगा।लेवल 6 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी फिलहाल 35,400 रुपये है। 2.15 के फिटमेंट फैक्टर पर 24 महीने का एरियर करीब 9,77,040 रुपये हो सकता है। 2.28 के हिसाब से यह रकम 10,87,488 रुपये और 2.57 के हिसाब से करीब 13,33,872 रुपये तक पहुंच सकती है।
इसी तरह लेवल 7 के कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 44,900 रुपये है। 2.15 के फिटमेंट फैक्टर पर 24 महीने का एरियर करीब 12,39,240 रुपये और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर करीब 16,91,832 रुपये हो सकता है।यहां यह समझना जरूरी है कि एरियर की गणना मुख्य रूप से पुरानी और नई बेसिक सैलरी के अंतर पर आधारित होगी। सभी भत्तों पर अलग से एरियर नहीं मिलेगा। HRA बेसिक सैलरी से जुड़ा होने के कारण बेसिक पे बढ़ने पर बढ़ सकता है, जबकि ट्रांसपोर्ट अलाउंस और डीए की गणना अलग नियमों के आधार पर होती है। डीए साल में दो बार संशोधित होता है, इसलिए उस पर इसी तरह का एरियर नहीं माना जाता। अंतिम रकम आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।