ग्रेटर नोएडा के बिरोड़ी गांव में जुलाई 2024 में हुए महेश हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी प्रहलाद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में मृतक के नाबालिग बच्चों की गवाही अभियोजन के लिए अहम साबित हुई।
Knews Desk- ग्रेटर नोएडा के बिरोड़ी गांव में करीब दो साल पहले हुए महेश हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मृतक की पत्नी पूजा और उसके प्रेमी प्रहलाद को हत्या का दोषी करार देते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा दी गई है। अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में मृतक के नाबालिग बच्चों की गवाही को महत्वपूर्ण माना गया।
अभियोजन के अनुसार, प्रहलाद महेश के परिवार के संपर्क में था। घटना वाले दिन मृतक की बेटी ने अपनी मां पूजा और प्रहलाद को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। इसके बाद उसने इसकी जानकारी अपने पिता महेश को दी। इसी बात को लेकर महेश और प्रहलाद के बीच विवाद हो गया था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विवाद के दौरान प्रहलाद ने कैंची से महेश पर हमला कर दिया। अदालत में बच्चों ने घटना के संबंध में गवाही दी और प्रहलाद पर अपने पिता की हत्या करने का आरोप लगाया। अभियोजन ने दावा किया कि पूजा और प्रहलाद के संबंधों का महेश विरोध करता था और इसी विवाद के चलते उसकी हत्या की गई।
पुलिस के अनुसार, महेश अपनी पत्नी पूजा और तीन बच्चों के साथ बिरोड़ी गांव स्थित सुलभ शौचालय परिसर में रहता था और वहां केयरटेकर के रूप में काम करता था। 1 जुलाई 2024 को महेश शौचालय की छत पर मृत अवस्था में मिला था। इसके बाद बीटा-2 थाने में पूजा और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी प्रहलाद को गिरफ्तार किया। विवेचना में पूजा और प्रहलाद के बीच संबंधों तथा महेश की हत्या के पीछे विवाद की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले में उपलब्ध गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई।
मामले की सुनवाई त्वरित न्यायालय द्वितीय के न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पूजा और प्रहलाद को हत्या का दोषी माना और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मामले में मृतक के बच्चों की गवाही अभियोजन पक्ष की महत्वपूर्ण कड़ी रही।