KNEWS DESK- गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की स्थापना के बाद अगले दिन भी पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है. भक्त सुबह-शाम भगवान गणेश की आरती करते हैं और उन्हें प्रिय भोग अर्पित करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से गणपति की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. आइए जानते हैं गणेश स्थापना के दूसरे दिन पूजा की सही विधि, अर्पित की जाने वाली सामग्री और भोग से जुड़े नियम.
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने के बाद भक्त अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या 10 दिनों तक बप्पा को घर में रखते हैं. इस दौरान रोजाना पूजा, आरती और प्रसाद चढ़ाने का विधान है. स्थापना के दूसरे दिन गणपति की पूजा करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है.
सुबह ऐसे करें गणपति की पूजा
गणेश जी की पूजा के लिए सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके बप्पा के सामने दीपक जलाएं. भगवान गणेश का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें. अब गणपति को जल अर्पित करें. यदि घर में स्थापित मूर्ति पर जल चढ़ाना उचित हो, तो परंपरा के अनुसार अभिषेक किया जा सकता है. इसके बाद भगवान को साफ वस्त्र, लाल या पीले फूल, दूर्वा और सिंदूर अर्पित करें. धूप-दीप जलाकर गणेश जी की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें.
बप्पा को कौन-कौन सी सामग्री चढ़ाएं?
गणेश पूजा में दूर्वा और सिंदूर का विशेष महत्व माना जाता है. स्थापना के दूसरे दिन भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार निम्न सामग्री अर्पित कर सकते हैं:
- दूर्वा घास
- लाल फूल
- सिंदूर और चंदन
- अक्षत यानी साबुत चावल
- फल और नारियल
- धूप और दीप
- मोदक या अन्य मिठाई
पूजा में सामग्री से ज्यादा श्रद्धा और भक्ति को महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए उपलब्ध सामग्री के अनुसार भी भगवान गणेश की पूजा की जा सकती है.
मोदक का भोग लगाना माना जाता है शुभ
भगवान गणेश को मोदक प्रिय माने जाते हैं. इसी वजह से गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन भी बप्पा को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है. घर पर बने मोदक, लड्डू या अन्य मिठाई का भोग लगाया जा सकता है. इसके साथ केला, सेब, नारियल जैसे फल भी अर्पित करें. भोग लगाने के बाद कुछ समय के लिए प्रसाद भगवान के सामने रखें और फिर परिवार के सदस्यों में बांट दें.
शाम को करें आरती और पूजा
गणेश स्थापना के दूसरे दिन शाम को भी पूजा स्थल की सफाई करके दीपक जलाएं. भगवान गणेश को फूल और दूर्वा अर्पित करें. इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती करें. परिवार के सभी सदस्य मिलकर गणपति का ध्यान करें और प्रसाद ग्रहण करें.
स्थापना के बाद इन बातों का रखें ध्यान
गणेश उत्सव के दौरान पूजा स्थल की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी माना जाता है. बप्पा को रोजाना ताजा फूल और भोग अर्पित करें. पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को सम्मानपूर्वक रखें. मूर्ति की स्थापना और विसर्जन से जुड़े नियमों का पालन अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणेश जी की पूजा करने से विघ्न दूर होते हैं और घर में मंगल बना रहता है. स्थापना के दूसरे दिन भी श्रद्धा और विश्वास के साथ बप्पा की आराधना करने से भक्तों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.