KNEWS DESK- महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की परीक्षाओं को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. परीक्षा पैटर्न में कथित गड़बड़ियों, सीटों में कटौती और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं. अमरावती में छात्रों ने 4 सितंबर को जिला कलेक्टर कार्यालय तक आक्रोश मार्च निकाला और सरकार से अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की.
प्रदर्शन के दौरान छात्र बारिश के बीच भी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे. उनके हाथों में पोस्टर और विभिन्न महापुरुषों की तस्वीरें थीं. मार्च में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी हिस्सा लिया. प्रदर्शन के बाद छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा.
MPSC चेयरमैन के इस्तीफे की मांग
छात्रों की ओर से MPSC की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने कथित अनियमितताओं और सीटों में कमी को लेकर आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं का भविष्य भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से सीधे जुड़ा है. छात्रों का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे बदलावों और समस्याओं से अभ्यर्थियों में असमंजस और असंतोष बढ़ रहा है. इसी को लेकर उन्होंने सरकार से स्पष्ट व्यवस्था और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है.
राहुल गांधी ने किया छात्रों का समर्थन
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि छात्रों का मुद्दा सिर्फ किसी एक परीक्षा या भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था पर उनके भरोसे से जुड़ा हुआ है. राहुल गांधी ने पेपर लीक, लंबित भर्तियों, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार से उनकी आवाज सुनने और तत्काल कार्रवाई करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अपने बेहतर भविष्य के लिए छात्रों की मांगों को सुना जाना चाहिए.
बारिश में भी जारी रहा प्रदर्शन
अमरावती में निकाले गए मार्च के दौरान छात्र बारिश के बावजूद पीछे नहीं हटे. जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शन सभा में बदल गया. यहां छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए और प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी. अब छात्रों की नजर सरकार और MPSC की अगली कार्रवाई पर है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है.