‘आकृति ने उकसाया तो सबूत कहां है?’ नोएडा मजदूर प्रदर्शन मामले में HC ने UP सरकार से मांगे वीडियो फुटेज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर यूपी सरकार से सबूत पेश करने को कहा है। कोर्ट ने पूछा कि क्या कोई ऐसा वीडियो या अन्य साक्ष्य है, जिसमें आकृति प्रदर्शनकारियों को पत्थरबाजी या वाहनों में आगजनी के लिए उकसाती नजर आ रही हैं।

kNEWS dESK- नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े मामले में मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और कार्यकर्ता आकृति चौधरी की याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा और यह स्पष्ट करने को कहा कि आकृति पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में उसके पास क्या ठोस सबूत हैं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या आकृति चौधरी को प्रदर्शनकारियों को भड़काने के आरोप में FIR दर्ज करने से पहले शांति भंग की कोई नोटिस दी गई थी। इसके अलावा अदालत ने कथित वीडियो फुटेज और व्हाट्सएप चैट की जानकारी भी मांगी, जिनके आधार पर आकृति पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने के आरोप लगाए गए हैं।

मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को सुबह 10 बजे होगी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की पीठ कर रही है।

‘पत्थरबाजी और आगजनी के लिए उकसाने का सबूत कहां?’

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से सीधा सवाल किया कि रिकॉर्ड में ऐसा कहां दर्ज है कि आकृति चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को बुलाया और उन्हें पत्थर फेंकने के लिए कहा। पीठ ने यह भी पूछा कि क्या कोई ऐसा साक्ष्य मौजूद है, जिसमें वह लोगों को गाड़ियों में आग लगाने के लिए उकसाती दिखाई दे रही हों।

राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। इस पर अदालत ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल करने के बाद पुलिस को यह देखना चाहिए था कि गवाहों के बयानों में आकृति चौधरी का नाम विशेष रूप से किस आधार पर लिया गया है।

अदालत ने कथित घटना की वीडियोग्राफी को लेकर भी सरकार से सवाल किया। पीठ ने पूछा कि वीडियो फुटेज में आकृति चौधरी प्रदर्शनकारियों को भड़काते हुए आखिर किस जगह दिखाई देती हैं।

सरकार ने मांगा समय, कोर्ट ने कहा- अब और इंतजार नहीं

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि वीडियो फुटेज हासिल कर अगली सुनवाई में पेश किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई, लेकिन हाईकोर्ट ने समय देने से इनकार कर दिया।

जस्टिस अतुल श्रीधरन ने कहा कि आकृति चौधरी पहले ही करीब पांच महीने से हिरासत में हैं और अदालत अब और समय नहीं देगी। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की सुनवाई अगले दिन सुबह करने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

तीन बार खारिज हो चुकी है जमानत याचिका

आकृति चौधरी की जमानत की चार याचिकाओं में से तीन को ग्रेटर नोएडा की सत्र अदालत खारिज कर चुकी है। हालांकि, एक मामले में उन्हें सत्र अदालत से राहत मिली थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें सीधे जमानत देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट का रुख करने को कहा था।

आकृति चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को रद्द करने और जमानत देने की मांग की है। अब हाईकोर्ट में बुधवार को होने वाली सुनवाई में सरकार की ओर से कथित वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य पेश किए जाने की उम्मीद है।

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