जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने 17 अगस्त को बिहार विधानसभा में बांकीपुर विधायक के तौर पर शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कहा कि बांकीपुर को उन्होंने रणनीति के तहत चुना था, ताकि बिहार की राजनीति में जाति और धर्म से ऊपर उठकर मतदान का संदेश दिया जा सके।
Knews Desk- जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार विधानसभा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी मौजूद रहे। शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में किशोर ने सदन का सदस्य बनने को अपने लिए गर्व और बड़ी जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने कहा कि इस सदन में कृष्ण सिन्हा, कर्पूरी ठाकुर, अनुग्रह नारायण सिन्हा, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, राम विलास पासवान और सुशील कुमार मोदी जैसे कई बड़े नेताओं ने जनता की सेवा की है। ऐसे सदन का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है।
‘बांकीपुर को जानबूझकर चुना था’
प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने किसी सुरक्षित सीट की तलाश नहीं की थी। उन्होंने जानबूझकर बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उनका उद्देश्य बिहार के लोगों को यह संदेश देना था कि चुनाव में जाति और धर्म से ऊपर उठकर भी मतदान किया जा सकता है।
बांकीपुर से मिली जीत जन सुराज पार्टी के गठन के बाद प्रशांत किशोर की पहली चुनावी जीत है। इससे पहले 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही थी।
बीजेपी के गढ़ में मिली जीत
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। बीजेपी के पास यह सीट 1995 से थी। उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया।
प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार के खाते में 44,827 वोट आए। चुनाव आयोग के मुताबिक, बांकीपुर उपचुनाव में 34.24 प्रतिशत मतदान हुआ था।
दरअसल, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हुई थी। इसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया।
चुनाव परिणाम आने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा था कि बांकीपुर की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और वह क्षेत्र के लोगों के अधिकारों की आवाज पूरी मजबूती से उठाने की कोशिश करेंगे।