Knews Desk– भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने पहली पारी में 462 रन बनाए. दूसरे दिन 9 विकेट पर 460 रन के स्कोर पर नाबाद लौटने वाली भारतीय टीम तीसरे दिन सिर्फ दो रन जोड़ सकी और 462 रन पर ऑलआउट हो गई. प्रसिद्ध कृष्णा का विकेट गिरते ही भारत के हाथ से एक खास रिकॉर्ड बनाने का मौका भी निकल गया.भारत के पास इस पारी में 19 साल पुराने इतिहास को दोहराने का शानदार मौका था. दरअसल, टीम इंडिया के सभी 11 बल्लेबाज अगर दहाई का आंकड़ा पार कर लेते, तो यह 2007 के बाद पहली बार होता. 2007 में खेले एक टेस्ट में भारत के सभी 11 बल्लेबाजों ने डबल डिजिट स्कोर बनाया था. उस मुकाबले में अनिल कुंबले ने शानदार शतक भी जड़ा था. गॉल टेस्ट में भारत इस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गया, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए.
यानी अगर प्रसिद्ध कृष्णा अपनी पारी में 8 रन और जोड़ लेते, तो भारत के सभी 11 बल्लेबाजों के खाते में डबल डिजिट स्कोर होता और 19 साल बाद टीम इंडिया यह खास उपलब्धि दोहरा देती. हालांकि, कृष्णा के आउट होते ही यह इंतजार और लंबा हो गया. तीसरे दिन श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने भारतीय पारी को सिर्फ चार गेंदों में समेट दिया.भारत की पहली पारी की सबसे बड़ी कहानी देवदत्त पडिक्कल रहे. नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने शानदार 167 रन बनाए. उन्होंने 230 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 15 चौके और एक छक्का लगाया. यह टेस्ट क्रिकेट में उनका पहला शतक था और उनकी पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई.
पडिक्कल के अलावा केएल राहुल ने भी शानदार बल्लेबाजी की. राहुल ने 175 गेंदों में 82 रन बनाए. वह शुरुआत में 77 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए थे, लेकिन बाद में दोबारा बल्लेबाजी के लिए लौटे और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया. ध्रुव जुरेल ने भी उपयोगी अर्धशतक लगाया और 51 रन की पारी खेली.हालांकि भारतीय बल्लेबाजी ने कुल मिलाकर मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन दूसरे दिन श्रीलंकाई स्पिनरों ने वापसी करते हुए भारत के सात विकेट सिर्फ 172 रन के भीतर निकाल दिए. प्रभात जयसूर्या ने 4 विकेट और डेब्यू कर रहे केशरा नुवान्था ने 3 विकेट हासिल किए. इसके बावजूद भारत 462 रन तक पहुंचने में सफल रहा.
462 रन के जवाब में श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और तीसरे दिन लंच तक उसने 99 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे. इससे भारत को मुकाबले में मजबूत बढ़त मिल गई. हालांकि बाद में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश की. ऐसे में भारत के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती मेजबान टीम को जल्द समेटकर पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करना होगी.इस मुकाबले में भारत इतिहास तो नहीं दोहरा सका, लेकिन देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की पारी और 462 का स्कोर टीम के लिए बड़ी उपलब्धि जरूर है. वहीं प्रसिद्ध कृष्णा के 8 रन कम रह जाने की वजह से एक खास रिकॉर्ड बनने से चूक गया.